The backwaters of Kerala marked the beginning of sailing for Prince Noble and cousin Manu Francis.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता में पुरुष स्किफ का रजत पदक जीतने वाले प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने बाढ़ में अपने पिता को खो दिया था लेकिन पानी ने उन्हें कभी भयभीत नहीं किया।
उन्होंने और उनके चचेरे भाई मनु फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को पुरुषों की स्किफ सेलिंग में भारत की पहली एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता टीम बनकर समुद्र से अपने ‘जुड़ाव’ की पुष्टि की। कोच्चि में उनके घर में यह जुड़ाव उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
नोबल के पिता मछुआरे थे और 2018 में केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। लेकिन नोबल काफी कम उम्र में ही पानी और सेलिंग के खेल की ओर आकर्षित हो गए थे क्योंकि अरब सागर उनके घर के पास ही था।
नोबल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मेरे पिता मछुआरे थे और समुद्र हमारे घर के बहुत करीब है। इसलिए, हमारा समुद्र से जुड़ाव है। यही वजह है कि हमारे लिए नौकायन की शुरुआत करना आसान था। ’’