आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ग्रीकोरोमन पहलवान नितेश ने बृहस्पतिवार को यहां मंगोलिया के गंखुयांग गनबातार को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर एशियाई खेलों में पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए इतिहास रचने से अब वह केवल एक जीत दूर हैं जबकि मानसी अहलावत महिला 62 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी।
एशियाई खेलों में ग्रीकोरोमन कुश्ती में भारत का कोई भी पहलवान अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीत सका है। नितेश के पास सेमीफाइनल में एक और दमदार प्रदर्शन के बाद यह इंतजार खत्म करने का मौका है।
सुमित (60 किग्रा) और अमन बरोनिया (77 किग्रा) के क्वार्टर फाइनल में हारने के साथ ही दोनों भारतीय ग्रीकोरोमन पहलवान एशियाई खेलों में पदक की दौड़ से बाहर हो गए।
नितेश ने हालांकि भारत के लिए एशियाई खेलों में ग्रीकोरोमन कुश्ती का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सुनिश्चित कर लिया है। गनबातार को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 9-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। मुकाबला तीन मिनट के पहले पीरियड में ही समाप्त हो गया।
एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता नितेश ने विरोधी पहलवान के खिलाफ चार-चार अंक के दो थ्रो किए और मुकाबला शानदार अंदाज में खत्म किया।