फ्लाईदुबई : कॉकपिट में पायलटों की भिड़ंत, भारतीय कप्तान ने बचाई 174 यात्रियों की जान

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 01-10-2026
Flydubai: Pilots clash in cockpit; Indian captain saves lives of 174 passengers.
Flydubai: Pilots clash in cockpit; Indian captain saves lives of 174 passengers.

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली/ दुबई

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुई हिंसक झड़प ने बुधवार को विमान की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। विमान में 174 लोग सवार थे। इनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आया और बाद में सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर उसकी आपात लैंडिंग कराई गई। इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय मूल के कप्तान स्मित मच्छार का नाम सामने आया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने कथित हमलावर को काबू किया। फ्लाईदुबई ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की वजह और मकसद की जांच की जा रही है।
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30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पहुंचना था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच गंभीर विवाद हुआ।

इसी दौरान एक पायलट के घायल होने की खबर सामने आई। शुरुआती रिपोर्टों और इजराइली अधिकारियों के बयानों में दावा किया गया कि सह पायलट ने कप्तान पर चाकू से हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि, फ्लाईदुबई ने घटना के पीछे की वजह या मकसद की पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन ने जांच पूरी होने से पहले अटकलों से बचने की अपील की है।

इस घटना में जिस भारतीय कप्तान का नाम सामने आया है, वह स्मित मच्छार हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह पहले स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं और बाद में फ्लाईदुबई से जुड़े। वह बोइंग 737 विमान उड़ाने का अनुभव रखते हैं। भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह जून 2022 से फ्लाईदुबई के बोइंग 737 बेड़े में कप्तान के रूप में काम कर रहे थे।

घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक भारी गिरावट आई। फ्लाइट ट्रैकिंग आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसके बाद कुछ ही समय में उसकी ऊंचाई हजारों फीट कम हो गई। रॉयटर्स के अनुसार विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आया। अन्य फ्लाइट ट्रैकिंग विश्लेषणों में भी बेहद तेज गिरावट दर्ज की गई। इस अचानक बदलाव ने विमान में मौजूद यात्रियों के बीच अफरातफरी पैदा कर दी।

कॉकपिट में चल रही स्थिति का असर विमान की उड़ान पर साफ दिखाई दिया। फ्लाइट ने आपात संकेत भेजे। इसके बाद विमान का रास्ता बदला गया। उसे सऊदी अरब के ताबुक की ओर ले जाया गया। वहां विमान सुरक्षित उतर गया।

ताबुक एयरपोर्ट पर दोनों घायल पायलटों को अस्पताल ले जाया गया। रॉयटर्स के अनुसार भारतीय कप्तान स्मित मच्छार को मध्यम स्तर की चोटें आई थीं। सह पायलट भी घायल हुआ और सऊदी अधिकारियों की जांच के दायरे में है।
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फ्लाईदुबई ने अपने बयान में कहा कि फ्लाइट के फ्लाइट डेक में एक घटना हुई थी। विमान में मौजूद ड्यूटी पर तैनात क्रू ने स्थिति को संभाला। इसके बाद विमान को ताबुक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। एयरलाइन ने कहा कि सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। उसने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के कारणों और इसके पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए औपचारिक जांच जारी है।

घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों के बयान भी सामने आए। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें पहले कॉकपिट की दिशा से चीखने की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद विमान के व्यवहार में अचानक बदलाव महसूस हुआ।

एक यात्री ने बताया कि कुछ लोग कॉकपिट की ओर गए। वहां पहुंचकर उन्होंने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। रॉयटर्स की रिपोर्ट में यात्रियों ने अचानक विमान के नीचे जाने और कॉकपिट में चल रही हिंसा को लेकर अपने अनुभव बताए हैं।

इस घटनाक्रम में यात्रियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कुछ यात्री कॉकपिट तक पहुंचे और वहां मौजूद हमलावर को काबू करने में क्रू की मदद की। इजराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी यात्रियों और क्रू की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विमान के सुरक्षित उतरने और बड़ी दुर्घटना टलने में उनकी भूमिका रही। हालांकि, घटना का पूरा क्रम और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

इजराइली अधिकारियों ने इस घटना को लेकर अलग अलग दावे किए हैं। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि एक पायलट ने दूसरे पायलट पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की।

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इससे भी गंभीर आरोप लगाए और इसे आतंकवादी हमले की कोशिश बताया। लेकिन इन आरोपों को अभी अंतिम जांच निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। फ्लाईदुबई ने साफ कहा है कि घटना के पीछे की वजह और मकसद अभी जांच का विषय हैं।

घटना के शुरुआती समय में संभावित विमान अपहरण की आशंका भी पैदा हुई थी। विमान के आपात संकेतों और अचानक ऊंचाई कम होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में विमान के आपात संकेतों में बदलाव दर्ज हुआ। बाद में विमान को सऊदी अरब के ताबुक में उतारा गया। फ्लाइट रडार के विश्लेषण के अनुसार विमान ने आपात स्थिति के दौरान अलग अलग ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित किए थे।

ताबुक में लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया। सऊदी एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार यात्रियों को बाद में दूसरे विमान से उनकी मंजिल की ओर रवाना किया गया। फ्लाईदुबई ने यात्रियों की मदद के लिए दो रिप्लेसमेंट विमान ताबुक भेजे थे। बाद में यात्रियों को तेल अवीव पहुंचाया गया।

इस घटना के बाद स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर भारत में भी चर्चा तेज हुई। उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें भारतीय मूल का कप्तान बताया गया है। उनके पहले स्पाइसजेट में काम करने की जानकारी भी सामने आई है।

भारतीय पायलट के बारे में यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब पूरी घटना को लेकर कई सवाल अभी खुले हैं। इनमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि कॉकपिट में आखिर विवाद क्यों शुरू हुआ और सह पायलट ने कथित तौर पर कप्तान पर हमला क्यों किया।

एक और महत्वपूर्ण सवाल घटना के मकसद से जुड़ा है। इजराइली अधिकारियों ने इसे संभावित हमला बताया है। दूसरी ओर फ्लाईदुबई ने अभी किसी मकसद की पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन ने जांच पूरी होने तक जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचने को कहा है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि घटना के पीछे आतंकवादी मकसद था या कोई अन्य कारण। इस बिंदु पर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण होगी।

फ्लाईदुबई FZ1073 की यह घटना विमानन सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। एक सामान्य अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई हिंसा ने कुछ ही मिनटों में विमान को आपात स्थिति में पहुंचा दिया। विमान में सवार यात्रियों के लिए यह बेहद डरावना अनुभव रहा होगा। लेकिन विमान ताबुक में सुरक्षित उतर गया और यात्रियों को बाद में दूसरे विमान से तेल अवीव पहुंचाया गया।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी का सबसे स्पष्ट निष्कर्ष यही है कि फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट FZ1073 को कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के बाद सऊदी अरब के ताबुक में उतारा गया। भारतीय कप्तान स्मित मच्छार घायल हुए। यात्रियों और क्रू ने स्थिति को संभालने में भूमिका निभाई। सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकले। लेकिन घटना की वास्तविक वजह और कथित हमले का मकसद अभी जांच का विषय है। इसलिए इस पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।