नई दिल्ली
चार बार के फॉर्मूला वन विश्व चैंपियन मैक्स वर्स्टापेन एक बार फिर रेसिंग की अपनी शुरुआती दुनिया यानी गो-कार्टिंग में लौटने जा रहे हैं। रेड बुल रेसिंग के साथ 2030 के अंत तक अपना करार बढ़ाने वाले वर्स्टापेन 16 सितंबर को इंग्लैंड के सिल्वरस्टोन सर्किट में एक अनोखी चुनौती का सामना करेंगे। वह एक साथ 100 ड्राइवरों का पीछा करते हुए उन्हें पछाड़ने की कोशिश करेंगे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, यह आयोजन दुनिया की सबसे बड़ी गो-कार्ट रेस बनने जा रहा है।
डच रेसर वर्स्टापेन ने महज चार साल की उम्र में गो-कार्ट चलाना शुरू कर दिया था। सात साल की उम्र में वह चैंपियनशिप में हिस्सा लेने लगे थे। बेल्जियम और नीदरलैंड में अपना दबदबा बनाने के बाद उन्होंने विश्व और यूरोपीय स्तर पर कई खिताब जीते। 2013 का उनका शानदार सीजन उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने फॉर्मूला वन की दुनिया में कदम रखा।
इस बार वर्स्टापेन का मुकाबला पेशेवर रेसिंग ड्राइवरों से नहीं होगा। उनके सामने दुनियाभर से बुलाए गए 100 प्रतियोगी होंगे, जिनमें खेल जगत की हस्तियां, स्ट्रीमर, सोशल मीडिया पर्सनैलिटीज और आम प्रशंसक शामिल हैं।
रेड बुल के कई एथलीट भी इस चुनौती का हिस्सा होंगे। इनमें अल्ट्रारनर अरदा सात्ची, बास्केटबॉल शूटिंग विशेषज्ञ क्रिस ‘लीथल शूटर’ मैथ्यूज और ब्रिटिश फ्रीस्टाइल माउंटेन बाइकिंग स्टार मैट जोन्स शामिल हैं। वहीं रेड बुल के स्ट्रीमर्स द ग्रेफग, कैड्रेल और द डोनाटो भी ग्रिड पर नजर आएंगे।
वर्स्टापेन के लिए यह आयोजन उनकी रेसिंग जड़ों की ओर वापसी जैसा होगा। उन्होंने कहा कि गो-कार्टिंग में रेसिंग की बुनियादी चीजें सीखी जाती हैं—शानदार शुरुआत, बचाव और ओवरटेकिंग। उन्होंने माना कि उन्होंने अपनी जिंदगी का लंबा समय गो-कार्टिंग में बिताया है, इसलिए यहां लौटना उनके लिए खास अनुभव होगा।
वर्स्टापेन ने यह भी कहा कि गो-कार्ट की पकड़ को समझना सबसे अहम होगा। उनके मुताबिक, वर्षों तक गो-कार्ट चलाने का अनुभव होने के कारण वह काफी स्वाभाविक तरीके से दोबारा उसी लय में लौट सकते हैं।
सिल्वरस्टोन में वर्स्टापेन पहले ही दो बार फॉर्मूला वन रेस जीत चुके हैं। उन्होंने एबी, विलेज, ब्रुकलैंड्स, लफील्ड और बेहद तेज कॉप्स जैसे मशहूर कॉर्नर्स पर अपनी रफ्तार और नियंत्रण का लोहा मनवाया है।
हालांकि इस बार सिल्वरस्टोन का मौजूदा ट्रैक नहीं, बल्कि इस खास आयोजन के लिए तैयार किया गया एक नया ट्रैक उनका इंतजार कर रहा है।
इस ट्रैक को रेस डायरेक्टर और फ्रांसीसी रेसिंग ड्राइवर डेविड टेरियन ने डिजाइन किया है। टेरियन मशहूर कार्ट डिजाइनर और युवा वर्ग के विश्व चैंपियन रह चुके हैं।
उन्होंने कहा कि एक ही समय में 101 ड्राइवरों के लिए ट्रैक तैयार करना पहले कभी नहीं हुआ। इसलिए यह उनके लिए भी बेहद रोमांचक अनुभव है।
टेरियन के मुताबिक, जब मैक्स सभी ड्राइवरों का पीछा कर रहे होंगे तो यह हर प्रतिभागी के लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव होगा। उन्हें ट्रैफिक के बीच से रास्ता निकालते, ओवरटेकिंग की योजना बनाते और ज्यादा से ज्यादा रफ्तार से आगे बढ़ते देखना अपने आप में खास होगा।
टेरियन और टेस्ट ड्राइवर सेबेस्टियन जॉब ने इस चुनौती से पहले ट्रायल भी किया। जॉब दो बार के iRacing विश्व चैंपियन और Oracle Red Bull Sim Racing के सिमरेसर हैं।
उन्होंने कहा कि 100 कारों को ओवरटेक करना बेहद मुश्किल होने वाला है। ट्रायल के दौरान उन्होंने 50 कारों के साथ ऐसा करने की कोशिश की और वह भी तय समय में काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। ऐसे में 100 कारों को पार करना वर्स्टापेन के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
लेकिन मैक्स वर्स्टापेन चुनौतियों से पीछे हटने वाले रेसर नहीं हैं। खासकर ऐसी चुनौती, जिसमें उनकी आक्रामक रेसिंग शैली और जीतने की भूख दोनों का इस्तेमाल होना है।
जब उनसे पूछा गया कि वह इस आयोजन में सबसे ज्यादा किस चीज का इंतजार कर रहे हैं, तो वर्स्टापेन ने मजाकिया अंदाज में कहा—“बस यह देखना चाहता हूं कि मेरे सामने कितना बवाल मचता है।”