हॉकी इंडिया ने सोमवार को सीनियर पुरुष राष्ट्रीय टीम के लिए 36 सदस्यीय कोर संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की है। यह चयनित समूह आगामी राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में हिस्सा लेगा, जो 20 अप्रैल से 9 मई तक बेंगलुरु स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण यानी SAI सेंटर में आयोजित किया जाएगा।
यह कैंप टीम की अंतरराष्ट्रीय तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले महीनों में टीम के सामने कई बड़े टूर्नामेंट हैं, जिनमें एफआईएच प्रो लीग का यूरोपीय चरण 2025–26, हॉकी विश्व कप और एशियाई खेल शामिल हैं। ऐसे में यह प्रशिक्षण शिविर रणनीति, फिटनेस और टीम संयोजन को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।
कैंप में खिलाड़ियों की मैच सिमुलेशन, तकनीकी अभ्यास और टीम तालमेल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लक्ष्य यह है कि टीम मैदान पर बेहतर समन्वय और निरंतर प्रदर्शन कर सके।
गोलकीपिंग यूनिट में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों को भी जगह दी गई है। कृष्ण बहादुर पाठक, सुरज करकेरा और पवन जैसे अनुभवी गोलकीपरों के साथ मोहित होन्नेनहल्ली शशिकुमार और प्रिंसदीप सिंह को भी शामिल किया गया है।
रक्षा पंक्ति में टीम की कमान मजबूत खिलाड़ियों के हाथों में है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अमित रोहिदास जैसे अनुभवी डिफेंडर इस यूनिट की रीढ़ होंगे। उनके साथ जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय और सुमित भी शामिल हैं। इसके अलावा युवा खिलाड़ियों जैसे पूवन्ना चंद्रा बॉबी, यशदीप सिवाच, नीलम संजीप एक्सेस और अमनदीप लाकड़ा को भी मौका मिला है।
मिडफील्ड में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन देखने को मिला है। मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और विवेक सागर प्रसाद जैसे प्रमुख खिलाड़ी टीम को मजबूती देंगे। इनके साथ राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, मोइरंगथेम रबिचंद्र सिंह, विष्णु कांत सिंह, राज कुमार पाल, नीलकांत शर्मा और रोशन कुजूर भी शामिल हैं।
फॉरवर्ड लाइन में कई आक्रामक खिलाड़ियों को जगह दी गई है। मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, अभिषेक और सुखजीत सिंह जैसे अनुभवी स्ट्राइकर टीम की आक्रामक रणनीति का हिस्सा होंगे। इनके अलावा शिलानंद लाकड़ा, अराइजीत सिंह हुंडाल, अंगद बीर सिंह, उत्तम सिंह, सेल्वम कार्थी, आदित्य अर्जुन ललगे और मणिंदर सिंह भी टीम में शामिल हैं।
हॉकी इंडिया का यह कैंप टीम के भविष्य की रणनीति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कोचिंग स्टाफ का उद्देश्य खिलाड़ियों की फिटनेस, रणनीतिक समझ और मैच के दबाव में प्रदर्शन को बेहतर बनाना है।
यह चयनित समूह आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक ताकत को बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि यह कैंप खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल और स्थिर प्रदर्शन विकसित करेगा।