Gymnast Pranati Nayak is determined to win her first Asian Games medal.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जिमनास्ट प्रणति नायक ने चोटों से संघर्ष और इनसे उबरने की लंबी प्रक्रिया के बाद प्रतिस्पर्धा में वापसी करना सीख लिया है और अब वह अपने चौथे एशियाई खेलों में पहला पदक जीतने की कोशिशों में जुटी हैं।
चोटों के निराशाजनक दौर ने उनके हौसले को कम नहीं किया है और 31 साल की प्रणति एशियाड के लिए चुनी गई एकमात्र भारतीय जिमनास्ट हैं। वह 19 सितंबर से शुरू होने वाले खेलों के लिए बुधवार रात जापान के आइची-नागोया के लिए रवाना हुईं।
वह इस सत्र में उन्हें परेशान करने वाली ‘प्लांटर फैसीसाइटिस’ (पैर में सूजन) की समस्या की वजह से राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के वॉल्ट फाइनल में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। लेकिन इससे उबरने के बाद वह एशियाड की टीम में जगह बनाने में सफल रहीं।
ओडिशा के ‘जिमनास्टिक्स हाई परफॉर्मेंस सेंटर’ में ट्रेनिंग करने वाली प्रणति ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं अब शत प्रतिशत फिट हूं। चोट जिमनास्ट की जिंदगी का हिस्सा है। जिमनास्ट को कई चोटें लगती हैं। हमें उनका ध्यान रखना पड़ता है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने (ग्लास्गो में) दौड़ते समय एक गलती की थी, लेकिन चोट उसकी वजह नहीं थी। राष्ट्रमंडल खेलों से लौटने के बाद मैंने ‘परफेक्शन, लैंडिंग और फ्लेक्सिबिलिटी’ पर ध्यान दिया है। मैंने दौड़ते समय गलती की थी। ’’