मोहम्मद रिजवान ने NCCIA के समन के खिलाफ लाहौर हाईकोर्ट का रुख किया

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 17-09-2026
Mohammad Rizwan has approached the Lahore High Court against the NCCIA summons.
Mohammad Rizwan has approached the Lahore High Court against the NCCIA summons.

 

लाहौर

पाकिस्तान के विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) की ओर से जारी समन को चुनौती देते हुए लाहौर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। यह समन पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे में 3-0 से टेस्ट सीरीज हारने के बाद रिजवान और टीम के अन्य बल्लेबाज इमाम-उल-हक को पूछताछ के लिए जारी किया गया था।

रिजवान और इमाम-उल-हक पिछले सप्ताह गुरुवार को NCCIA के लाहौर स्थित कार्यालय में पेश हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने दोनों खिलाड़ियों को कई पन्नों का प्रश्नावली फॉर्म दिया था, जिसे भरकर वापस जमा करने को कहा गया था।

इमाम-उल-हक ने कथित तौर पर 15 सितंबर की समयसीमा से पहले एक मध्यस्थ के जरिए अपने जवाब जमा कर दिए। वहीं, रिजवान ने अपने जवाब में जांच की प्रकृति और NCCIA के अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठाए हैं।

रिजवान ने सोमवार को लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ किसी विशेष आरोप की जानकारी नहीं दी गई है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया है कि NCCIA को उन्हें पूछताछ के लिए समन जारी करने का अधिकार किस आधार पर मिला।

यात्रा और वित्तीय जानकारी मांगे जाने की चर्चा

बताया जा रहा है कि NCCIA की प्रश्नावली में दोनों खिलाड़ियों से उनकी यात्रा और वित्तीय गतिविधियों के अलावा निजी तथा क्रिकेट करियर से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि NCCIA की जांच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की ओर से शुरू की गई अलग आंतरिक जांच से जुड़ी है या नहीं।

PCB ने पिछले सप्ताह कहा था कि मीडिया रिपोर्टों में खिलाड़ियों के अनुशासन और आचरण को लेकर सामने आई जानकारी के बाद उसने आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की है। बोर्ड के अनुसार, यह प्रक्रिया PCB के नियमों के तहत की जा रही है।

इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद टीम में बड़े बदलाव

मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक उन सात खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्हें इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान की टीम से बाहर कर स्वदेश भेज दिया गया था। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रन से हार मिली थी। इससे पहले टीम पहला टेस्ट पारी और 103 रन से गंवा चुकी थी।

इसके बाद PCB ने टीम में बड़े बदलाव किए। मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पदों से हटा दिया गया। सात नए खिलाड़ियों को इंग्लैंड भेजा गया, जिनमें पांच ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया था।

पाकिस्तान को तीसरे टेस्ट में भी हार का सामना करना पड़ा और एजबेस्टन में इंग्लैंड ने उसे आठ विकेट से हरा दिया। नए खिलाड़ियों में रजाउल्लाह ने अपने पदार्पण मैच में चार विकेट लेने के साथ 81 रन की पारी खेलकर प्रभावित किया।

इंग्लैंड दौरे पर रिजवान ने अपने खेले दो टेस्ट मैचों में 12, 41, 7 और 1 रन बनाए। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भी उनका बल्ला ज्यादा नहीं चला था। हालांकि, विकेटकीपिंग में उनके प्रदर्शन की सराहना होती रही है।

इमाम की चोट पर भी उठे थे सवाल

इमाम-उल-हक को लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन के खेल के बाद बाएं पैर की पिंडली में ग्रेड-1 चोट का पता चला था। इसके बाद उन्होंने मैच में न तो बल्लेबाजी की और न ही मैदान पर उतरे। पाकिस्तान के मुख्य चयनकर्ता और हाई परफॉर्मेंस निदेशक आकिब जावेद ने सार्वजनिक रूप से इस चोट की प्रकृति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इसकी जांच की जाएगी।

PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने भी टीम में किए गए बदलावों की वजह बताते हुए कहा था कि प्रदर्शन के अलावा अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा था, “हमने इसके कारणों का पता लगाने के लिए चर्चा की है। इसमें प्रदर्शन के अलावा अन्य कारण भी शामिल हैं और हम इसकी पूरी तह तक जाएंगे।”

रिजवान और इमाम को वेस्टइंडीज तथा इंग्लैंड दौरों के लिए पाकिस्तान की टीम में चुने जाने को लेकर भी सवाल उठे थे। PCB ने अपनी चयन समिति के एक सदस्य को नोटिस जारी कर उनके चयन और अपनाई गई प्रक्रिया पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा था।

बाद में चयन समिति के सदस्य मिस्बाह-उल-हक ने पाकिस्तान की टीम में किए गए बदलावों के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।