आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि असम का नेतृत्व ऐसे लोग नहीं कर सकते जो बार-बार पाकिस्तान जाते हैं.
शाह ने स्पष्ट तौर पर यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के पाकिस्तान के साथ कथित संबंधों की ओर इशारा करते हुए कही.
पंचायत प्रतिनिधियों की यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने अगले साल मार्च-अप्रैल में होने वाले असम विधानसभा चुनाव के लिए ‘युद्ध का बिगुल’ फूंका और कहा कि राज्य का प्रतिनिधित्व ऐसे नेता नहीं कर सकते जो घुसपैठियों और अतिक्रमणकारियों के प्रति सहानुभूति रखते हों.
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर में अनेक विकास कार्य किए हैं और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने उस विकास को राज्य के घर-घर तक पहुँचाया है। इन कार्यों की बदौलत, भाजपा के नेतृत्व वाला राजग अगले साल लगातार तीसरी बार असम में सरकार बनाएगा.’
विपक्षी कांग्रेस की आलोचना करते हुए शाह ने कहा कि असम का प्रतिनिधित्व घुसपैठियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले और अतिक्रमण को बढ़ावा देने वाले लोग नहीं कर सकते.
गौरव गोगोई के संदर्भ में शाह ने कहा, ‘‘असम का नेतृत्व ऐसे लोग नहीं कर सकते जो अकसर पाकिस्तान जाते हैं.’
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर हमला बोलते रहे हैं। शर्मा ने दावा किया था कि गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न ने भारत और पाकिस्तान के बीच 19 बार यात्रा की थी.
शाह ने कहा, ‘‘घुसपैठियों ने हमारी हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। भाजपा सरकार ने हर जगह से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया, लेकिन गौरव गोगोई ने इसका विरोध किया... असम सरकार ने घुसपैठियों के अतिक्रमण से 1,29,548 एकड़ जमीन मुक्त कराई है.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा ने घुसपैठियों को बाहर निकालकर श्रीमंत शंकरदेव और महापुरुष माधवदेव के सत्रों (वैष्णव मठों) की पवित्रता को बहाल किया है.