फीफा वर्ल्ड कप 2026: 40 साल का यह गोलकीपर क्या अर्जेन्टीना के लिए बड़ी चुनौती बन पाएगा ?

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 28-06-2026
FIFA World Cup 2026: Will this 40-year-old goalkeeper pose a major challenge for Argentina?
FIFA World Cup 2026: Will this 40-year-old goalkeeper pose a major challenge for Argentina?

 

मलिक असगर हाशमी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का नॉकआउट राउंड बेहद रोमांचक मोड़ पर आ गया है। 4 जुलाई को होने वाले मुकाबले में एक तरफ स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी की कप्तानी वाली दिग्गज टीम अर्जेन्टीना है। दूसरी तरफ ग्रुप 'एच' की उपविजेता केप वर्डे है। इस मैच को लेकर फुटबॉल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्सुकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह केप वर्डे के 40 वर्षीय गोलकीपर वोज़िन्हा हैं।

वोज़िन्हा इस टूर्नामेंट में अपनी टीम के लिए अभेद्य दीवार साबित हुए हैं। उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से स्पेन जैसी ताकतवर टीम को बराबरी पर रोक दिया। फुटबॉल में जिस उम्र में खिलाड़ी संन्यास लेकर घर बैठ जाते हैं, उस उम्र में वोज़िन्हा विपक्षी स्ट्राइकर्स के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बने हुए हैं।

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कौन हैं सोशल मीडिया पर छाने वाले वोज़िन्हा?

वोज़िन्हा का असली नाम जोसिमार होज़े एवोरा डायस है। उनका जन्म 3 जून 1986 को केप वर्डे के साओ विसेंट द्वीप पर स्थित मिंडेलो शहर में हुआ था। फुटबॉल की दुनिया में उन्हें वोज़िन्हा के नाम से पहचान मिली। पुर्तगाली भाषा में वोज़िन्हा का मतलब छोटी दादी होता है। उनके माता-पिता काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते थे। इस कारण उनका पालन-पोषण उनके दादा-दादी ने किया। इसी वजह से उन्हें बचपन में यह अनोखा उपनाम मिला।

वोज़िन्हा के नाम के पीछे एक और दिलचस्प किस्सा है। उनके माता-पिता उनका नाम अर्जेन्टीना के मशहूर खिलाड़ी जॉर्ज वाल्दानो के नाम पर रखना चाहते थे। स्थानीय नियमों के कारण उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली।

इसके बाद ब्राजील के दिग्गज फुल-बैक जोसिमार के नाम पर उनका नाम जोसिमार रखा गया। वोज़िन्हा ने अपने करियर की शुरुआत स्थानीय क्लब बाटुके FC से की थी। बाद में वे सीएस मिंडेलेंस क्लब में शामिल हो गए। जब वे अंगोला के प्रोग्रेसो क्लब में खेलने गए, तो वहाँ पहले से ही जोसिमार नाम का एक गोलकीपर मौजूद था। इसके बाद उन्होंने अपनी जर्सी पर अपना उपनाम वोज़िन्हा लिखवाना शुरू कर दिया।

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अद्भुत क्लब और अंतरराष्ट्रीय सफर

वोज़िन्हा का फुटबॉल सफर काफी लंबा और विविधता से भरा रहा है। उन्होंने कई देशों के क्लबों के लिए फुटबॉल खेला है। उनके क्लब करियर में अंगोला के प्रोग्रेसो, मोल्दोवा के ज़िम्ब्रू चिसिनाउ, पुर्तगाल के गिल विसेंट, साइप्रस के एईएल लिमासोल और स्लोवाकिया के एएस ट्रेंकिन जैसे नाम शामिल हैं। हाल ही में वे पुर्तगाल की सेकंड डिवीजन लीग में चावेस क्लब के लिए खेल रहे थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वोज़िन्हा साल 2012 से केप वर्डे की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं। वे अपने देश के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2013, 2015, 2021 और 2023 में अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया। साल 2026 का फीफा वर्ल्ड कप उनके करियर का सबसे बड़ा और पहला वर्ल्ड कप मंच है।

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मैदान पर वोज़िन्हा की ताकत

वोज़िन्हा की सबसे बड़ी ताकत उनका लंबा अनुभव और मैदान पर शांत बने रहने की क्षमता है। 40 साल की उम्र में भी उनका रिफ्लेक्स और फुर्ती युवाओं जैसी है। स्पेन के खिलाफ मैच में उन्होंने अपनी इस ताकत का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

स्पेन जैसी मजबूत टीम ने केप वर्डे के गोल पोस्ट पर 27 शॉट दागे थे। वोज़िन्हा ने शानदार सूझबूझ दिखाते हुए 7 बेहतरीन बचाव किए। उन्होंने फेरान टोरेस, पेड्री और आयमेरिक लापोर्टे जैसे वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों के गोल करने के प्रयासों को नाकाम कर दिया। पेनल्टी बचाने में भी उनका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। पुर्तगाल की लीग में खेलते हुए उन्होंने 32 मैचों में 5 पेनल्टी बचाई थीं। हवा में आने वाली गेंदों को जज करने की उनकी क्षमता अद्भुत है।

खेल की कुछ कमजोरियाँ

उम्र के इस पड़ाव पर कुछ शारीरिक सीमाएँ आना स्वाभाविक है। वोज़िन्हा की सबसे बड़ी कमजोरी लगातार तेज गति वाले मैचों में उनका स्टैमिना हो सकती है। अर्जेन्टीना जैसी आक्रामक टीम के खिलाफ 90 मिनट या उससे अधिक समय तक एक ही गति से ध्यान बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

इसके अलावा, कई बार सेट-पीस या कॉर्नर किक के दौरान वे जरूरत से ज्यादा आगे आ जाते हैं। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती दिनों में ऐसी गलतियाँ देखी गई थीं। साल 2013 के अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के क्वार्टर फाइनल में घाना के खिलाफ मैच के आखिरी पलों में वे कॉर्नर किक पर आक्रमण करने के लिए आगे आ गए थे, जिसके कारण टीम को दूसरा गोल खाना पड़ा था।

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वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

वोज़िन्हा ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जो इतिहास में दर्ज हो गए हैं। वे अपने देश के पहले वर्ल्ड कप मैच में खेलने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। मैच के दिन उनकी उम्र 40 साल 12 दिन थी।

इसके साथ ही वे वर्ल्ड कप के इतिहास में 40 वर्ष की उम्र के बाद एक से अधिक मैचों में क्लीन शीट (एक भी गोल न होने देना) रखने वाले दुनिया के तीसरे गोलकीपर बन गए हैं। इस खास क्लब में उनके साथ इंग्लैंड के पीटर शिल्टन और इटली के डीनो जोफ जैसे महान गोलकीपर शामिल हैं। वोज़िन्हा ने स्पेन और सऊदी अरब दोनों के खिलाफ मैचों में अपनी टीम के खिलाफ एक भी गोल नहीं होने दिया। इसी शानदार प्रदर्शन की बदौलत केप वर्डे जैसी छोटी टीम नॉकआउट राउंड में पहुँचने में सफल रही।

रातों-रात बने ग्लोबल स्टार

वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ मैच के बाद वोज़िन्हा की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। इस मुकाबले में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। मैच खत्म होने के कुछ ही घंटों के भीतर सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स की संख्या में भारी उछाल आया। उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 5 लाख से बढ़कर सीधे 1.5 करोड़ के पार पहुँच गई। फ्रांसीसी फुटबॉल स्टार पॉल पोग्बा ने भी सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ की।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वोज़िन्हा की ब्रांड वैल्यू करीब 1.77 करोड़ डॉलर आंकी गई है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि यह फुटबॉल की वैश्विक लोकप्रियता का सबसे बड़ा उदाहरण है। वोज़िन्हा ने एक छोटे से देश को दुनिया के नक्शे पर चमका दिया है। केप वर्डे केवल 4.90 लाख की आबादी वाला एक छोटा सा द्वीप देश है। यह वर्ल्ड कप में खेलने वाला दुनिया का तीसरा सबसे छोटा देश है।

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भावुक पल और भविष्य की राह

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद वोज़िन्हा काफी भावुक दिखाई दिए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे इस मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करके बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। मैच के बाद उनकी आँखों में आँसू थे। उन्होंने बताया कि वे अपने दादा-दादी को याद कर रहे थे, जिनका कुछ साल पहले निधन हो गया था। उनकी माँ भी वीजा की दिक्कतों और पैसों की कमी के कारण मैच देखने अमेरिका नहीं आ सकीं।

फिलहाल वोज़िन्हा का चावेस क्लब के साथ अनुबंध खत्म हो चुका है और वे एक फ्री एजेंट हैं। वर्ल्ड कप में उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद दुनिया के कई बड़े क्लब उन्हें अपनी टीम में शामिल करना चाहते हैं। वोज़िन्हा ने संकेत दिए हैं कि वे ब्राजील के किसी क्लब में खेलने के लिए तैयार हैं।

अब पूरी दुनिया की नजरें 4 जुलाई को होने वाले नॉकआउट मुकाबले पर टिकी हैं। क्या वोज़िन्हा अपनी जादुई गोलकीपिंग से लियोनेल मेस्सी और अर्जेन्टीना का रास्ता रोक पाएंगे? यह देखना वाकई दिलचस्प होगा।