प्रोफेसर (डॉ.) डीके पांडेय
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों की वजह से खार्ग द्वीप लगातार चर्चा में रहा है। 31अगस्त को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक लाइन की पोस्ट और AI से बने एक वीडियो के साथ कहा कि खार्ग द्वीप को "पूरी तरह तबाह" किया जा रहा है। इससे पहले 11जून को भी उन्होंने कहा था कि वह खार्ग द्वीप पर कब्ज़ा करना चाहते हैं। खार्ग द्वीप का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की उनकी कोशिश साफ़ तौर पर इस द्वीप की अहमियत को दिखाती है।
ईरान, 'ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज़' (ओपेक) में तेल का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है और युद्ध से पहले उसके 90प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात खार्ग द्वीप के ज़रिए ही होता था।
अप्रैल के मध्य से ईरान के तेल निर्यात में रुकावट आई है। खार्ग पर अमेरिकी हमले से ईरान के तेल उद्योग और उसकी व्यापक अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ जाएगा, जो पहले से ही अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से जूझ रही है।
खार्ग द्वीप को ईरान का 'कभी न डूबने वाला एयरक्राफ्ट कैरियर' कहा जाता है, और ऐसा सिर्फ़ इसके सैन्य साज़ो-सामान की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए है क्योंकि यह ईरानी अर्थव्यवस्था का मुख्य इंजन है। उत्तर-पूर्वी फारस की खाड़ी में स्थित यह छोटा सा कोरल द्वीप, मध्य पूर्व में रणनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है।
भौगोलिक विशेषताएँ और विवरण
खार्ग द्वीप 22वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली तलछट (सेडीमेन्ट) और कोरल से बना है। खाड़ी के कई निचले द्वीपों के विपरीत, यह एक अनोखा और जटिल पठार है।
इस द्वीप की रणनीतिक स्थिति ईरान को उत्तरी फारस की खाड़ी और शत्त-अल-अरब जलमार्ग तक पहुँच पर नज़र रखने और अपना प्रभाव बनाए रखने में मदद करती है। यह ईरान के तट से 25किमी (16मील) और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज) से 483किमी (300मील) उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इसकी लंबाई लगभग 6किमी और चौड़ाई लगभग 3.2किमी है। यहाँ चूना पत्थर की एक मुख्य रिज (पहाड़ी कतार) है जिसकी ऊँचाई सबसे ऊँचे स्थान पर लगभग 80मीटर है। यहाँ प्राकृतिक रूप से गहरे पानी (20मीटर से ज़्यादा) में अल्ट्रा लार्ज क्रूड कैरियर (यू एल सी सी) को डॉक किया जा सकता है।
ईरान के लिए खार्ग द्वीप कारणनीतिक महत्व
खार्ग द्वीप ईरान का तेल का संचालनकेंद्रहै,अतःतेहरान की आर्थिक जीवनरेखा है।यहाँ ईरान के कुल कच्चे तेल का लगभग 94प्रतिशत रिफाइन किया जाता है। यह एक बड़े स्टोरेज सेंटर के तौर पर काम करता है।
यहाँ मुख्य भूमि के तेल क्षेत्रों से तेल पाइप के ज़रिए समुद्र के रास्ते यहाँ लाया जाता है, बड़े टैंक फार्मों में स्टोर किया जाता है,और टैंकरों में भरा जाता है। यह सिर्फ़ एक संपत्ति नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय आय का एक अहम केंद्र भी है।
🔴President Trump just posted that Kharg Island is “being blown to smithereens.”
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) August 31, 2026
Kharg is Iran’s main oil-export hub in the Persian Gulf.
The post came as U.S. Iran fighting flared again around the Strait of Hormuz.
He has threatened Kharg for months and previously said U.S.… pic.twitter.com/cK6ilXsVM7
प्राकृतिक सुरक्षा और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति
द्वीप पर दो बड़े डॉक हैं,जहाँ जहाज़/टैंकर आते-जाते हैं। पूर्वी तरफ़ टी-जेटी है, जिसका इस्तेमाल छोटे और मध्यम आकार के टैंकरों के लिए किया जाता है; और पश्चिमी तरफ़ सी आइलैंड है, जिसका इस्तेमाल बहुत बड़े टैंकरों (वीएलसीसी) के लिए किया जाता है जो उथले तटीय पानी में नहीं चल सकते।
यह द्वीप चूना पत्थर (लाइमस्टोन) की चट्टानों से बना एक छोटा सा हिस्सा है। खार्ग की भौगोलिक स्थिति बड़े पैमाने पर हवाई ऑपरेशन के लिए अनुकूल नहीं है। तट का एक बड़ा हिस्सा कोरल रीफ़ और उथले पानी से बना है, जो उभयचर (ज़मीन और पानी दोनों पर चलने वाले) जहाज़ों को आने-जाने के सीमित रास्तों तक ही सीमित कर देता है, जिससे वे पहले से तय निशाने पर आसानी से आ जाते हैं।
बीच में मौजूद रिज (लगभग 80मीटर ऊँची पहाड़ी) बचाव करने वालों को ऊँचाई वाली जगह देती है जहाँ से वे पूरे द्वीप और उसके आस-पास के पानी को साफ़ तौर पर देख सकते हैं।
सघन शहरी/औद्योगिक मिला-जुला इलाका: तेल टैंकों, पाइपलाइनों और प्रोसेसिंग प्लांटों की अधिकता के कारण, यहाँ लंबवत (ऊपर की ओर) एक शहरी भूलभुलैया जैसी स्थिति बन जाती है। इससे बचाव के लिए पैदल सेना (इन्फैंट्री) की भूमिका अहम हो जाती है और बख्तरबंद गाड़ियों की तैनाती और बड़े पैमाने पर पैंतरेबाज़ी वाली रणनीतियों का इस्तेमाल सीमित हो जाता है।
आसन्न खतरे की तैयारी
खार्ग द्वीप पर एक रनवे भी है।खार्ग एयरपोर्ट का रनवे 1.8किलोमीटर लंबा है।यहभारी उपकरणों और सेना को तेज़ी से लाने-ले जाने का एकमात्र ज़रिया है। अगर ईरान शुरुआती हमले में स्वयंबैलिस्टिक मिसाइलों से रनवे को उड़ा देता है, तो लैंडिंग करने वाली सेना मुश्किल स्थिति में फँस जाएगी,और उसे समुद्र के रास्ते होने वाली सप्लाई पर निर्भर रहना पड़ेगा, जो बहुत असुरक्षित एवं समय लेने वाली प्रक्रियाहोगी।
पिछले कुछ हफ़्तों में, ईरान ने अपनी ऑपरेशनल तैयारी बढ़ा दी है। रणनीतिक तेल टर्मिनलों और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं पर अमेरिका के किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए खार्ग द्वीप पर और ज़्यादा सेना, एयर डिफेंस सिस्टम और एंटी-पर्सनल माइन तैनात की गई हैं।
निष्कर्ष
खार्ग द्वीप एक सीमित सैन्य और औद्योगिक क्षेत्र है, और इसके काम करने का तरीका ईरान के ऊर्जा क्षेत्र के सबसे गुप्त रहस्यों में से एक है। ज़मीन, समुद्र या हवा से खार्ग द्वीप पर हमला करना मुश्किल है क्योंकि इस द्वीप की बनावट ही ऐसी है।
ईरान इस द्वीप की सुरक्षा किसी अलग चौकी की तरह नहीं, बल्कि मुख्य भूमि के मिले-जुले रक्षा नेटवर्क के हिस्से के तौर पर करता है, क्योंकि यह ईरान का "आर्थिक पावरहाउस" है।अनुमानतः इन्ही आर्थिक कारणों से, ट्रम्प खार्ग द्वीप पर हुए किसी भी नुकसान की अनुमति नहीं देंगे।
( प्रो (डॉ.) डीके पांडेय, सीनियर फेलो, सेंटर फॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज़)