पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव चरम पर: इस्लामाबाद ने ‘ओपन वॉर’ का ऐलान किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 27-02-2026
Pakistan-Afghanistan tensions reach fever pitch: Islamabad declares 'open war'
Pakistan-Afghanistan tensions reach fever pitch: Islamabad declares 'open war'

 

इस्लामाबाद/काबुल

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर चल रहा तनाव अब खुले टकराव में बदल गया है। पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले करने के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ “ओपन वॉर” की घोषणा कर दी है। दोनों देशों के बीच यह टकराव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

Khawaja Asif का कड़ा बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस्लामाबाद का सब्र अब खत्म हो चुका है। उन्होंने तालिबान-नेतृत्व वाली अफगान सरकार पर आतंकवादियों को पनाह देने और उन्हें निर्यात करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि नाटो की वापसी के बाद क्षेत्र में शांति की उम्मीद थी, लेकिन अफगानिस्तान में चरमपंथी संगठनों को शरण दी गई। उनके बयान में “अब हमारे और आपके बीच खुला युद्ध है” जैसी कड़ी चेतावनी शामिल थी।

अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया

अफगान सरकार के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने पाकिस्तानी हमलों की निंदा करते हुए इन्हें “कायराना कार्रवाई” बताया। उन्होंने दावा किया कि हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डूरंड रेखा के पास जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई चौकियां कब्जे में ली गईं। यह कार्रवाई 26 फरवरी की रात की गई, जिसे अफगान पक्ष ने अपनी सीमा की रक्षा बताया।

‘Ghazab Lil Haq’ ऑपरेशन शुरू

पाकिस्तान ने अफगान तालिबान शासन के खिलाफ ‘Ghazab Lil Haq’ नाम से सैन्य अभियान शुरू करने की पुष्टि की है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं। साथ ही 27 चौकियां नष्ट और नौ पर कब्जा करने की बात कही गई है।

डूरंड लाइन पर पुराना विवाद

दोनों देशों के बीच तनाव का मुख्य कारण डूरंड लाइन है, जिसे 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान खींचा गया था। यह सीमा आज भी विवाद का मुद्दा बनी हुई है। हाल के महीनों में सीमा पार हमलों और आतंकी गतिविधियों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए थे।विशेषज्ञों का मानना है कि यह खुला टकराव पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बढ़ते संघर्ष पर टिकी है, क्योंकि हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।