हरजिंदर
आगाज़ से जो सिलसिला शुरू हुआ था वह अभी भी जारी है। राजनीति के लिए यह बहुत बड़ी बात होती है, क्योंकि नेता शुरुआत कुछ और कह के करते हैं और आगे जाकर वह बिलकुल ही बदले हुए दिखाई देते हैं। इसके बहुत सारे उदाहरण दिए जा सकते हैं।फिलहाल हम बात करेंगे न्यूयाॅर्क के मेयर जोहरान ममदानी की। कुछ ही समय पहले जब इस पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे तो उनके खिलाफ काफी कुछ कहा गया। यह कहा गया कि अगर वे जीत गए तो अमेरिका में मुस्लिम राजनीति शुरू हो जाएगी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन पर कम्युनिस्ट होने का आरोप लगाया था।
शुरुआत में न्यूयाॅर्क की कैथे होचुल ममदानी के साथ खड़ीं थीं। ममदानी जब यह कह रहे थे कि दुनिया का इस सबसे स्मृद्ध महानगर में आम न्यूयार्कवासियों के लिए गुजर बसर लगातार मुश्किल होती जा रही है। उनकी कमाई जितनी भी है इस महंगे शहर में उनके खर्च उससे कहीं ज्यादा हैं। इन सब मांगों के मामले में कैथे होचुल ममदानी के साथ थीं।

ममदानी ने अपनी बात को यहीं नहीं रोका। इसके आगे उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक सेवाओं को सस्ता करने के लिए जो अमीर लोग हैं उन पर कुछ टैक्स लगाया जाए। यही वह मौका था जब होचुल ने अपने आप को ममदानी की राजनीति से अलग कर लिया।होचुल डेमोक्रेट हैं और उन्हें मध्यमार्गी माना जाता है। वे वैचारिक रूप से उस शख्स के साथ नहीं खड़े दिखना चाहती थीं जिन्हें वामपंथी माना जा रहा था और यहां तक कि समाजवादी कहा जा रहा था।
जब होचुल ने अपने आप को ममदानी से अलग किया तो बहुत से लोगों ने ममदानी के चुनाव हार जाने की भविष्यवाणी भी कर दी थी। जो बाद में गलत साबित हुई।अब फिर से न्यूयाॅर्क के गर्वनर पद का चुनाव सामने है। कैथे होचुल ने फिर से चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
ममदानी इस चुनाव में उनके समर्थन में खड़े हो गए हैं। उन्होंने सिर्फ समर्थन ही नहीं किया बल्कि उनके लिए द नेशन पत्रिका में एक लेख भी लिखा है। उनका कहना है कि होचुल ऐसे लोगों में हैं जो ईमानदारी से बात करते हैं और उनकी कोशिश रहती है कि बातचीत किसी नतीजे तक पहंुचे।
ध्यान रहे कि कैथे होचुल न्यूयाॅर्क राज्य की गर्वनर हैं जबकि जोहरान ममदानी न्यूयाॅर्क शहर के मेयर हैं। यह शहर राज्य का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसलिए यह माना जा रहा है कि ममदानी के समर्थन ने होचुल की जीत पक्की कर दी है। अगर वे जीतती हैं तो कुछ ही समय के भीतर डोनाल्ड ट्रंप को न्यूयाॅर्क से दूसरी बुरी खबर सुनने को मिलेगी।

महत्वपूर्ण बात यह है कि ममदानी के खिलाफ जिस तरह से अफवाहें फैलाई गईं थीं और उन्हें मुस्लिमपरस्त साबित करने की कोशिश की गई थी वे उसे लगातार गलत साबित कर रहे हैं। वे उसी तरह की राजनीति कर रहे हैं जिस तरह की राजनीति अमेरिका के मुख्यधारा के नेता करते हैं।
( लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)
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