टी20 वर्ल्ड कप में भारत का दबदबा: ईशान किशन की 77 रन की तूफानी पारी से पाकिस्तान 61 रन से पराजित

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 16-02-2026
India dominates T20 World Cup: Ishan Kishan's blistering 77 helps Pakistan beat Pakistan by 61 runs
India dominates T20 World Cup: Ishan Kishan's blistering 77 helps Pakistan beat Pakistan by 61 runs

 

आवाज द वाॅयस कोलंबो /श्रीलंका

कोलंबो में एक बार फिर भारत-पाकिस्तान मुकाबला भावनाओं, दबाव और उम्मीदों से भरा था, लेकिन नतीजा वही रहा जो पिछले कुछ वर्षों में अक्सर देखने को मिला है—भारत का दबदबा। आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप ए मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर न सिर्फ अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि यह भी दिखा दिया कि बड़े मैचों में संयम और रणनीति किस तरह फर्क पैदा करते हैं।

इस जीत के केंद्र में रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन, जिन्होंने 40 गेंदों में 77 रन की तूफानी पारी खेलकर मैच की दिशा तय कर दी। उनकी पारी में 10 चौके और 3 छक्के शामिल थे। जिस पिच पर गेंद रुक-रुककर आ रही थी और स्पिनरों को खास मदद मिल रही थी, वहां किशन ने आक्रामकता और तकनीक का बेहतरीन संतुलन दिखाया। पाकिस्तान ने चौंकाने वाली रणनीति अपनाते हुए छह स्पिनरों का इस्तेमाल किया, लेकिन किशन ने इस ‘स्पिन जाल’ को ध्वस्त कर दिया।

भारत की शुरुआत हालांकि बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में सलमान आगा ने अभिषेक शर्मा को शून्य पर आउट कर भारत को झटका दिया। लेकिन इसके बाद किशन और तिलक वर्मा ने पारी को संभाला। पावरप्ले के दौरान किशन ने आक्रामक अंदाज अपनाया और पाकिस्तानी गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया। अबरार अहमद के खिलाफ एक ओवर में चौका और छक्का जड़ते हुए उन्होंने संकेत दे दिया कि भारत रक्षात्मक नहीं खेलेगा।

27 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर किशन ने भारत-पाक टी20 मुकाबलों में सबसे तेज फिफ्टी लगाने वालों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया। उनके और तिलक के बीच 87 रन की साझेदारी ने भारत को मजबूत आधार दिया। हालांकि साइम अयूब ने किशन को 77 रन पर आउट कर पाकिस्तान को राहत दी, लेकिन तब तक भारत 175/7 के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचने की राह पर था। कप्तान सूर्यकुमार यादव (32), शिवम दुबे और रिंकू सिंह ने अंतिम ओवरों में उपयोगी रन जोड़कर स्कोर को चुनौतीपूर्ण बना दिया। जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत भयावह रही। हार्दिक पांड्या ने पहले ही ओवर में साहिबज़ादा फरहान को शून्य पर चलता किया। अगले ओवर में जसप्रीत बुमराह ने साइम अयूब और कप्तान सलमान आगा को आउट कर पाकिस्तान को 13/3 की मुश्किल में डाल दिया। बाबर आज़म भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और अक्षर पटेल ने उन्हें पवेलियन भेज दिया। महज 34 रन पर चार विकेट गिरने के बाद पाकिस्तान की पारी संभल नहीं सकी।

उस्मान खान ने जरूर 44 रन बनाकर थोड़ी प्रतिरोध की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे। अक्षर पटेल ने दो महत्वपूर्ण विकेट लिए, जबकि हार्दिक पांड्या, बुमराह और वरुण चक्रवर्ती ने भी दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान को 18 ओवर में 114 रन पर समेट दिया। भारतीय गेंदबाज़ों की खासियत यह रही कि उन्होंने पिच की प्रकृति को जल्दी समझ लिया और लेंथ में निरंतर बदलाव करते रहे।

मैच के बाद पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन ने स्वीकार किया कि उनकी टीम परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल नहीं पाई। उन्होंने माना कि भारत ने इस पिच पर लगभग 25 रन अधिक बनाए और किशन की पारी ने मैच उनसे दूर कर दिया। हेसन ने टॉस के फैसले को सही ठहराया, लेकिन कहा कि असली कमी निष्पादन में रही।

इस जीत के साथ भारत ग्रुप ए में लगातार तीन जीत के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है और सुपर 8 चरण में प्रवेश कर चुका है। पाकिस्तान दो जीत और एक हार के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गया है। टी20 विश्व कप में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड अब 8-1 हो गया है, जो इस प्रतिद्वंद्विता में भारत की बढ़त को दर्शाता है।

ईशान किशन के इस प्रदर्शन पर उनके कोच उत्तम मजूमदार और परिवार ने भी गर्व जताया। कोच ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ ऐसी पारी खेलना खास उपलब्धि है। पटना में उनके माता-पिता ने भी खुशी जताते हुए कहा कि बेटे ने कड़ी मेहनत का फल पाया है। उनकी मां ने मुस्कुराते हुए शादी से जुड़े सवालों को टाल दिया—“अभी विश्व कप चल रहा है, शादी की कोई बात नहीं।”

इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखाया कि बड़े मंच पर मानसिक मजबूती कितनी अहम होती है। भारत ने शुरुआती झटके के बाद संयम रखा, आक्रामक क्रिकेट खेला और फिर गेंदबाज़ी में अनुशासन दिखाया। वहीं पाकिस्तान दबाव में बिखरता नजर आया। कोलंबो की इस रात ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को जश्न का एक और मौका दिया और यह संदेश भी कि जब टीम सामूहिक प्रदर्शन करती है, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।