खौफ के साए में इफ्तार

Story by  हरजिंदर साहनी | Published by  [email protected] | Date 05-03-2026
Iftar under the shadow of fear
Iftar under the shadow of fear

 

d

हरजिंदर

उस शहर के इफ्तार की कुछ अलग ही रौनक थी। अमेरिका के राज्य मिनेसोटा की राजधानी मिनियापोलिस में सोमालियाई लोगों की आबादी छह से आठ फीसदी के बीच है। ये सभी मुसलमान हैं। इसके अलावा अन्य मुसलमान काफी कम हैं।इतनी कम आबादी ही रमजान और ईद के दिनों में इस शहर में अलग रंग भरती रही है। शाम को जब वे इफ्तार के लिए शहर के विभिन्न रेस्तरां में जमा होते तो अन्य धर्मों के लोग भी उनके साथ शामिल हो जाते।

और फिर यह सिर्फ धर्म का मामला नहीं रह जाता बल्कि लोगों के साथ जुड़ने और एक दूसरे की परंपराओं में शामिल होने का मौका भी बन जाता। माहौल कुछ वैसा हो जाता है जैसे रमजान के महीने में शाम को पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके का होता है।

s

लेकिन इस बार चीजें काफी बदल गई हैं। इस शहर के मुसलमान पहले की ही तरह रोजा रख रहे हैं, लेकिन इफ्तार पूरी तरह बदल गया है।बदलाव का कारण है अमेरिका की राजनीति। जहां एक तरफ पूरा अमेरिका इस्लामफोबिया की गिरफ्त में है वहीं खासकर सोमालिया के लोगों को खासी परेशानी हो रही है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड  ट्रंप बात-बात पर सोमालियाई माफिया का जिक्र करते हैं और उनके लिए तमाम तरह की बातें कहते हैं। पता नहीं इसका माफिया पर कोई असर हुआ है या नहीं लेकिन इसने आम सोमालियाई लोगों का जीना दूभर कर दिया है।

मिनियापोलिस के इफ्तार की रौनक खत्म होने के पीछे भी यही कारण है।इन दिनों पूरे अमेरिका में और खासकर मिनोसेटा में इमीग्रेशन अधिकारी दौरे पर निकलते हैं। अवैध नागरिकों की तलाश में वे पूछताछ और धर-पकड़ करते हैं। अमेरिका के ऐसे सभी इलाकों के लिए अब यह आम बात हो चुकी है।

मिनियापोलिस के लोगों का कहना है कि जिस समय वे इफ्तार कर रहे होते हैं उस समय भी इमीग्रेशन अधिकारी आ धमकते हैं और पूछताछ शुरू कर देते हैं।यह सब पिछले साल ही शुरू हो गया था। इस साल इसके डर से लोगों ने सार्वजनिक रूप से इफ्तार करना बंद कर दिया है। अब वे या तो इफ्तार घर में करते हैं या फिर किसी मस्जिद के भीतर।

इससे उन कारोबारियों का भी नुकसान हुआ जो दिन भर अपने रेस्तरां बंद रखते थे और शाम को सूरज ढलने के बाद ही खोलते थे। उससे भी बड़ी बात यह है कि इन रेस्तरां के आस-पास रमजान की एक जो संस्कृति विकसित हुई थी वह खत्म हो गई है।

s

अमेरिकी अखबार न्यूयाॅर्क टाईम्स ने मिनियापोलिस की एक सोमालियाई महिला से बात की। वे ग्रीन कार्ड होल्डर हैं। यानी वे कानूनी तौर पर अमेरिका की नागरिक हैं। फिर भी उन्होंने ने दिन भर के रोजे के बाद शाम को बाहर निकलना बंद कर दिया है।

उनके पास सारे कागजात हैं इसलिए इमीग्रेशन अधिकारी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकते। उनका कहना है कि इसके बावजूद वे पूछताछ के नाम पर उन्हें परेशान तो कर ही सकते हैं। इसी परेशानी से बचने के लिए उन्होंने दोस्तों के साथ इफ्तार करने का सिलसिला छोड़ दिया है। बाकी सब की स्थिति भी ऐसी ही है।

( लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)


ALSO READ अमेरिकी विश्वविद्यालयों के माहौल से उभरती चिंताएं