G7 समिट में छाए पीएम मोदी, वायरल हुई तस्वीरें

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 17-06-2026
G7 Summit 2026: PM Modi posed for a historic photo with global leaders in France.
G7 Summit 2026: PM Modi posed for a historic photo with global leaders in France.

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

फ्रांस के खूबसूरत तटीय शहर एवियां-ले-बैं (Évian-les-Bains) में इस समय दुनिया के सबसे ताकतवर देशों का जमावड़ा लगा हुआ है। 52वें जी7 शिखर सम्मेलन (52nd G7 Summit 2026) के दौरान एक बेहद खास और ऐतिहासिक पल देखने को मिला है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को इस सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने दुनिया के अन्य दिग्गज नेताओं के साथ मिलकर पारंपरिक ग्रुप फोटो खिंचवाई। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। भारत को इस बार जी7 सम्मेलन में एक पार्टनर देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाती है।

इस साल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने प्रधानमंत्री मोदी को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। यह लगातार सातवां मौका है जब पीएम मोदी इस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कुल मिलाकर भारत अब तक 13 बार इस समिट का हिस्सा बन चुका है। एवियां पहुंचने पर राष्ट्रपति मैक्रॉन ने पीएम मोदी का बहुत ही गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद सभी नेता ग्रुप फोटो के लिए एक साथ मंच पर आए।

ग्रुप फोटो में दिखे दुनिया के ये बड़े चेहरे

इस पारंपरिक ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री मोदी के साथ दुनिया के कई प्रभावशाली नेता नजर आए। तस्वीर में उनके साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी खड़ी थीं। इनके अलावा मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस फ्रेम का हिस्सा बने।

समिट के मेजबान और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज भी वहां मौजूद थे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। तस्वीर में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन भी दिखाई दीं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लुला डा सिल्वा ने भी इस ग्रुप फोटो में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

स्विट्जरलैंड में हुआ छोटा सा पड़ाव

फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी का विमान कुछ समय के लिए स्विट्जरलैंड के जेनेवा में रुका था। इस छोटे से पड़ाव के दौरान भी पीएम मोदी ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता दिखाई। उन्होंने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच बहुत ही सकारात्मक बातचीत हुई। भारत और स्विट्जरलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया है। इस मुलाकात ने पीएम मोदी के यूरोपीय दौरे के लिए एक मजबूत जमीन तैयार कर दी।

खास वर्किंग सेशन में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी

एवियां में प्रधानमंत्री मोदी एक बेहद महत्वपूर्ण वर्किंग सेशन में भाग लेने वाले हैं। इस सत्र का विषय 'नए गठबंधनों का निर्माण और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता को पुनर्जीवित करना' रखा गया है। इस बैठक में केवल जी7 देशों के नेता ही शामिल नहीं होंगे। इसमें अन्य आमंत्रित देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी हिस्सा लेंगे।

इसके साथ ही विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक जैसी बड़ी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं के प्रमुख भी इस चर्चा का हिस्सा बनेंगे। इस सत्र में मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर बात होगी। सतत विकास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर सभी नेता अपने विचार रखेंगे। भारत इस मंच पर विकासशील देशों की आवाज बनकर उभरेगा।

डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली है बड़ी बैठक

इस दौरे पर पीएम मोदी का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। वह समिट से इतर कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। पीएम मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से अलग से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भी उनकी कूटनीतिक वार्ता होगी।

सबसे ज्यादा नजरें 17 जून को होने वाली भारत और अमेरिका की द्विपक्षीय बैठक पर टिकी हैं। व्हाइट हाउस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली इस मुलाकात में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गहन चर्चा होगी। दोनों देश अपने व्यापारिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं। इस बैठक से रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी बड़े फैसलों की उम्मीद है।

स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा रहा बेहद सफल

जी7 सम्मेलन में भाग लेने से पहले प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के ऐतिहासिक दौरे पर थे। साल 1993 में स्लोवाकिया के एक स्वतंत्र देश बनने के बाद यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। इस लिहाज से यह दौरा बेहद खास और मील का पत्थर साबित हुआ। इस यात्रा के दौरान भारत और स्लोवाकिया के संबंधों में एक बड़ा उछाल आया है। दोनों देशों ने अपने आपसी रिश्तों को 'व्यापक साझेदारी' (Comprehensive Partnership) के स्तर पर पहुंचा दिया है।

अब भारत और स्लोवाकिया मिलकर तकनीक, रक्षा, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में काम करेंगे। दोनों देशों के बीच नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे दोनों देशों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

विदाई के समय भावुक हुए पीएम मोदी

स्लोवाकिया का दौरा खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वहां की सरकार और जनता का आभार जताया। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि स्लोवाकिया की यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक और उपयोगी रही। इस यात्रा के परिणाम आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को बहुत मजबूत बनाएंगे। व्यापार बढ़ने से हमारे युवाओं को सीधा फायदा होगा।

पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पीएम फिको खुद उन्हें विदा करने हवाई अड्डे तक आए, जिसके लिए वह उनके आभारी हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि स्लोवाकिया दौरे ने भारत के लिए संबंधों का एक नया अध्याय लिख दिया है। अब इसी सकारात्मक ऊर्जा के साथ भारत जी7 के मंच पर दुनिया की भलाई के लिए बात कर रहा है।