नई दिल्ली
फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोगों के बीच अक्सर यह सवाल उठता है कि एक बार के भोजन में शरीर आखिर कितना प्रोटीन उपयोग कर सकता है। लंबे समय से यह धारणा प्रचलित रही है कि शरीर एक बार में केवल 20 से 30 ग्राम प्रोटीन ही पचा या अवशोषित कर सकता है। लेकिन पोषण विशेषज्ञों और वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है। शरीर आपके द्वारा खाए गए लगभग सभी प्रोटीन को पचा और अवशोषित कर लेता है। असली सवाल यह नहीं है कि कितना प्रोटीन अवशोषित होता है, बल्कि यह है कि उसका कितना हिस्सा मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में तुरंत इस्तेमाल होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन के साथ लिया गया प्रोटीन पाचन तंत्र में टूटकर अमीनो एसिड में बदल जाता है। ये अमीनो एसिड रक्त के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचते हैं और केवल मांसपेशियों ही नहीं, बल्कि हार्मोन, एंजाइम, प्रतिरक्षा कोशिकाओं, त्वचा, बाल और अन्य ऊतकों के निर्माण व मरम्मत में भी उपयोग किए जाते हैं। इसलिए अतिरिक्त प्रोटीन को शरीर व्यर्थ नहीं जाने देता।
शोध बताते हैं कि अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रति भोजन लगभग 20 से 40 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन मांसपेशियों में प्रोटीन संश्लेषण (Muscle Protein Synthesis) को अधिकतम करने के लिए पर्याप्त होता है। हालांकि यह मात्रा हर व्यक्ति के लिए समान नहीं होती। उम्र, शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि, व्यायाम की तीव्रता और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार प्रोटीन की आवश्यकता बदल सकती है। एथलीट, बुजुर्ग या नियमित रूप से भारी व्यायाम करने वाले लोगों को सामान्य व्यक्तियों की तुलना में अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।
यदि कोई व्यक्ति एक समय में 40 ग्राम से अधिक प्रोटीन खा लेता है तो इसका मतलब यह नहीं कि बाकी प्रोटीन बेकार हो जाएगा। शरीर उसे भी पचा लेता है और आवश्यकता के अनुसार उसका उपयोग अन्य जैविक कार्यों में करता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अमीनो एसिड ऊर्जा के स्रोत के रूप में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
जर्नल ऑफ द इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन में वर्ष 2018 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मानव पाचन तंत्र बड़ी मात्रा में प्रोटीन को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में सक्षम है। अध्ययन में यह भी स्पष्ट किया गया कि अधिक प्रोटीन खाने का अर्थ यह नहीं है कि अतिरिक्त पोषण नष्ट हो जाता है। विशेष रूप से धीमी गति से पचने वाले प्रोटीन लंबे समय तक शरीर को अमीनो एसिड उपलब्ध कराते रहते हैं, जिससे शरीर की विभिन्न निर्माण प्रक्रियाओं को सहायता मिलती है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि लक्ष्य मांसपेशियों की वृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य है तो पूरे दिन की कुल प्रोटीन आवश्यकता को एक ही भोजन में लेने के बजाय अलग-अलग भोजन में बांटना अधिक लाभकारी होता है। सामान्यतः शरीर के प्रति किलोग्राम वजन पर लगभग 0.4 ग्राम प्रोटीन प्रति भोजन लेने और इसे दिन में कम से कम चार बार संतुलित रूप से बांटने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
स्वस्थ आहार के साथ अंडे, दालें, दूध, पनीर, दही, मछली, चिकन, सोयाबीन और मेवे जैसे प्रोटीन स्रोतों को शामिल करना लाभदायक माना जाता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद के साथ उचित मात्रा में प्रोटीन का सेवन शरीर को स्वस्थ रखने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।