फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को रौंदा, म्बापे ने मेसी के रिकॉर्ड की बराबरी की

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 10-07-2026
FIFA World Cup 2026: France thrashed Morocco; Mbappe equaled Messi's record.
FIFA World Cup 2026: France thrashed Morocco; Mbappe equaled Messi's record.

 

आवाज द वाॅयस/ बोस्टन

बोस्टन स्टेडियम में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले नॉकआउट क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गत उपविजेता फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही फ्रांसीसी टीम लगातार तीसरी बार विश्व कप के अंतिम चार में पहुंचने वाली दुनिया की चुनिंदा टीमों में शामिल हो गई है। पूरे मैच के दौरान फ्रांस के खिलाड़ियों ने आक्रामक फुटबॉल का नजारा पेश किया।

उन्होंने विपक्षी टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। मैदान पर मिले शानदार मौकों को गोल में तब्दील कर फ्रांस ने साबित कर दिया कि वे इस साल भी खिताब के सबसे बड़े दावेदार हैं। मैच के हीरो रहे कप्तान किलियन म्बापे जिन्होंने न सिर्फ एक गोल दागा बल्कि दूसरे गोल में भी अपनी सूझबूझ से अहम भूमिका निभाई।

इस बेमिसाल प्रदर्शन के लिए म्बापे को मौजूदा टूर्नामेंट में तीसरी बार प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। जीत के बाद फ्रांस के लॉकर रूम में खिलाड़ियों ने जमकर जश्न मनाया और सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा की।

मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने मोरक्को के डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। खेल के शुरुआती मिनटों में ही फ्रांस को पहला मौका मिला जब चौथे मिनट में म्बापे ने दाईं ओर से एक जोरदार शॉट लगाया लेकिन बॉल गोल पोस्ट के थोड़े बाहर से निकल गई। इसके बाद भी फ्रांस के फॉरवर्ड खिलाड़ी लगातार मोरक्को के चक्रव्यूह को भेदने की कोशिश में लगे रहे। मैच का पहला बड़ा रोमांच 25वें मिनट में देखने को मिला जब बाईं ओर से बॉक्स में घुस रहे म्बापे को मोरक्को के डिफेंडर नौसेर मज़रौई ने गलत तरीके से नीचे गिरा दिया। रेफरी फैकुन्डो टेलो ने बिना किसी देरी के पेनल्टी स्पॉट की तरफ इशारा किया। मैदान पर तनाव का माहौल था क्योंकि म्बापे अपनी दूसरी पेनल्टी लेने के लिए तैयार खड़े थे।

हालांकि वीडियो असिस्टेंट रेफरी की लंबी समीक्षा के कारण उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार 28वें मिनट में म्बापे ने शॉट लिया लेकिन मोरक्को के स्टार गोलकीपर यासीन बोनो ने कमाल का डाइव लगाकर इस शॉट को रोक दिया। बोनो ने गेंद की दिशा को पूरी तरह भांप लिया था जिससे मैच का पहला हाफ बिना किसी गोल के 0-0 की बराबरी पर छूटा। पहले हाफ में भले ही कोई गोल नहीं हुआ लेकिन आंकड़ों के लिहाज से फ्रांस ने 13-1 के शॉट्स के साथ मैच पर पूरी तरह अपना शिकंजा कस रखा था।

दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह बदल गई। फ्रांस की टीम एक नई रणनीति के साथ मैदान पर उतरी। आखिरकार मैच के 60वें मिनट में फ्रांस के फैंस झूम उठे। युवा खिलाड़ी डिज़ायर डू की एक बेहद चतुर पास पर म्बापे को बॉक्स के अंदर गेंद मिली।

मोरक्को के डिफेंडर बॉल को क्लियर करने में नाकाम रहे और इसी ढिलाई का फायदा उठाते हुए म्बापे ने दूर वाले पोस्ट के ठीक अंदर एक बेहद सटीक ग्राउंडेड शॉट जमाया। गेंद सीधे यासीन बोनो को छकाते हुए नेट के भीतर चली गई। इस गोल के साथ फ्रांस ने मैच में 1-0 की बेहद कीमती बढ़त बना ली।

यह गोल म्बापे के इंटरनेशनल करियर के लिए बेहद खास रहा क्योंकि यह उनके वर्ल्ड कप करियर का 20वां गोल था जो उन्होंने अपने 20वें मैच में पूरा किया। इसके साथ ही वह इस टूर्नामेंट में आठ गोल दागकर अर्जेंटीना के दिग्गज कप्तान लियोनेल मेसी के साथ गोल्डन बूट की रेस में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए हैं। अब वह मेसी के ऑल टाइम 21 वर्ल्ड कप गोल के रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ दो कदम दूर हैं।

फ्रांस ने अपनी इस बढ़त को ज्यादा देर तक सिर्फ एक गोल पर सीमित नहीं रखा। ठीक 6 मिनट बाद यानी 66वें मिनट में फ्रांस ने दूसरा हमला बोला। इस बार म्बापे को एरिया के ठीक बाहर गेंद मिली। उन्होंने डिफेंडर्स को अपनी तरफ खींचा और बहुत ही चालाकी से गेंद को पीछे की तरफ ओस्मान डेम्बेले के लिए टैप कर दिया।

म्बापे के इस मूवमेंट की वजह से मोरक्को का डिफेंस बिखर गया और डेम्बेले को शॉट लेने के लिए खाली जगह मिल गई। डेम्बेले ने बिना कोई गलती किए अपने दाहिने पैर से एक करारा शॉट गोल पोस्ट की तरफ दाग दिया। गोलकीपर बोनो ने गेंद पर हाथ जरूर लगाया लेकिन शॉट की रफ्तार इतनी तेज थी कि गेंद सीधे जाल में जा उलझी। डेम्बेले का इस फीफा वर्ल्ड कप में यह पांचवां गोल था जिसने फ्रांस को 2-0 की सुरक्षित स्थिति में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद मोरक्को की टीम पूरी तरह दबाव में आ गई।

मैच के 76वें मिनट में फ्रांसीसी फैंस के लिए एक चिंताजनक पल आया जब मोरक्को के एक खिलाड़ी ने म्बापे को पीछे से टैकल कर गिरा दिया। इसके तुरंत बाद कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने सावधानी बरतते हुए म्बापे को सब्स्टीट्यूट कर मैदान से बाहर बुला लिया। बाद में म्बापे को डगआउट में अपने दाहिने टखने पर आइस पैक लगाए बैठे देखा गया।

हालांकि चोट गंभीर नहीं लग रही थी क्योंकि मैच खत्म होने के बाद वे दोनों जूते पहने हुए मैदान पर बाकी साथियों के साथ कूद-कूदकर जीत का जश्न मनाते दिखाई दिए। मोरक्को की टीम ने मैच के अंतिम पलों तक हार नहीं मानी। हाफ टाइम से ठीक पहले अशरफ हकीमी को बॉक्स के ठीक बाहर एक फ्री किक मिली थी जो पोस्ट के बेहद करीब से निकल गई थी।

इसके बाद भी एटलस लायंस ने मैच में वापसी के लिए पूरे दमखम से काउंटर अटैक किए लेकिन फ्रांस के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। पूरे मैच में फ्रांस का दबदबा इस कदर था कि उन्होंने गोल पर कुल 21 शॉट लिए जिसमें से 8 टारगेट पर थे जबकि मोरक्को की टीम पूरे 90 मिनट में सिर्फ 4 शॉट ले सकी और केवल 1 शॉट टारगेट पर रख पाई।

हार के बाद मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओहाबी बेहद निराश नजर आए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी टीम की कमियों को खुलकर स्वीकार किया। ओहाबी ने कहा कि जब हमारी टीम के पास बॉल पज़ेशन था तब हमारा ट्रांज़िशन बिल्कुल अच्छा नहीं रहा। इस वजह से हमारे खिलाड़ियों को मैदान पर बहुत ज्यादा दौड़ना पड़ा और फ्रांस के खिलाड़ी आसानी से अपने कम्फर्ट ज़ोन में बने रहे।

उन्होंने कहा कि हम टूर्नामेंट में और आगे जाना चाहते थे लेकिन फ्रांस की बेहतरीन क्वालिटी के सामने आज हमारी रणनीतियां नाकाम रहीं। गौर करने वाली बात यह है कि चार साल पहले कतर वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भी फ्रांस ने मोरक्को को इसी 2-0 के स्कोर से हराकर उनका सपना तोड़ा था। इस बार मोरक्को का सफर क्वार्टर फाइनल में ही खत्म हो गया लेकिन वे एक बार फिर दुनिया को अपनी काबिलियत दिखाने में कामयाब रहे।

दूसरी तरफ फ्रांस के लॉकर रूम से जीत के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की गईं। फ्रांसीसी फुटबॉल फेडरेशन ने खिलाड़ियों के जश्न की तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा कि यह शुद्ध आनंद के पल हैं। फ्रांस के हेड कोच डिडिएर डेसचैम्प्स की इस निरंतर सफलता की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है।

डेसचैम्प्स ने 2018 से लेकर 2026 तक लगातार तीन विश्व कप में फ्रांस को कोचिंग दी है जिसमें वे एक बार चैंपियन और एक बार उपविजेता रहे हैं। जब पत्रकारों ने उनसे इस जादुई सफलता का राज पूछा तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि मेरे पास कोई गुप्त राज नहीं है।

 

मेरी टीम में दुनिया के सबसे बेहतरीन फुटबॉलर मौजूद हैं और इस सफलता का पूरा श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने म्बापे की तारीफ करते हुए उन्हें मैदान के अंदर और बाहर एक असाधारण लीडर बताया। कोच ने अपने डिफेंडर्स की भी पीठ थपथपाई जिन्होंने नॉकआउट चरण में अब तक एक भी गोल नहीं खाया है।

अब फ्रांस का अगला मुकाबला मंगलवार को डलास में होने वाले सेमीफाइनल में स्पेन या बेल्जियम के विजेता से होगा। फ्रांस अब लगातार तीन वर्ल्ड कप के फाइनल में खेलने वाला दुनिया का तीसरा देश बनने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।