खाना खाने के बाद पेट में दर्द क्यों होता है? जानिए इसके कारण

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 09-07-2026
Why does stomach pain occur after eating? Learn about the causes, symptoms, and when to see a doctor.
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नई दिल्ली

 भोजन करने के बाद पेट भरा हुआ महसूस होना सामान्य बात है, लेकिन यदि हर बार खाना खाने के बाद पेट में दर्द, जलन, ऐंठन या सूजन होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन के बाद होने वाला पेट दर्द केवल अपच का संकेत नहीं होता, बल्कि यह पाचन तंत्र से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का लक्षण भी हो सकता है।

भोजन पेट में पहुंचते ही पाचन प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस दौरान पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ता है, पाचन तंत्र की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और पित्ताशय तथा आंतें भोजन को पचाने में अपनी भूमिका निभाती हैं। यदि इस प्रक्रिया में किसी अंग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो, तो भोजन के बाद दर्द महसूस हो सकता है।

दर्द की जगह से मिल सकता है बीमारी का संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार, दर्द का स्थान, उसकी तीव्रता और भोजन के बाद दर्द शुरू होने का समय बीमारी की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यदि पेट के ऊपरी हिस्से में जलन या चुभन जैसा दर्द हो, तो यह गैस्ट्राइटिस, एसिड रिफ्लक्स या पेट के अल्सर का संकेत हो सकता है। वहीं, तैलीय या वसायुक्त भोजन खाने के बाद पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज मरोड़ जैसा दर्द पित्ताशय की पथरी या पित्ताशय की सूजन की ओर इशारा कर सकता है। यदि दर्द नाभि के आसपास हो, तो यह छोटी आंत से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है।

एसिड रिफ्लक्स और गैस्ट्राइटिस भी हो सकते हैं कारण

भोजन के तुरंत बाद सीने या पेट के ऊपरी हिस्से में जलन महसूस होना अक्सर गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) का लक्षण होता है। इस स्थिति में पेट का एसिड बार-बार भोजन नली (ग्रासनली) में वापस आ जाता है, जिससे सीने में जलन, खट्टी डकार और दर्द की समस्या होती है।

इसी तरह, गैस्ट्राइटिस या पेट के अल्सर से पीड़ित लोगों में भोजन के बाद एसिड का बढ़ा हुआ उत्पादन पहले से सूजी हुई पेट की परत को और अधिक प्रभावित करता है, जिससे दर्द और बढ़ सकता है।

पित्ताशय और आंतों की समस्याएं

हर पेट दर्द का कारण पेट ही नहीं होता। यदि तैलीय भोजन के बाद दाहिनी ओर तेज दर्द शुरू होकर कई घंटों तक बना रहे, तो यह पित्ताशय की पथरी का संकेत हो सकता है। भोजन के बाद पित्ताशय सिकुड़ता है और यदि पथरी पित्त नली को अवरुद्ध कर दे तो तेज दर्द उत्पन्न होता है।

वहीं, छोटी या बड़ी आंत की समस्याएं भी भोजन के बाद ऐंठन, गैस और पेट दर्द का कारण बन सकती हैं।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और फूड इंटॉलरेंस

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या सूजन संबंधी आंतों की बीमारी से पीड़ित लोगों में सामान्य पाचन प्रक्रिया भी दर्द पैदा कर सकती है। इसके अलावा, कुछ लोगों को लैक्टोज असहिष्णुता जैसी समस्या होती है, जिसमें दूध या दुग्ध उत्पाद खाने के बाद पेट फूलना, गैस, डकार और दर्द होने लगता है क्योंकि शरीर दूध में मौजूद शर्करा को ठीक से पचा नहीं पाता।

गैस और बड़ी आंत की समस्या

भोजन के बाद पेट के निचले हिस्से में दर्द अक्सर बड़ी आंत (कोलन) से जुड़ा होता है। खाना खाने के बाद बड़ी आंत स्वाभाविक रूप से सक्रिय हो जाती है, जिससे फंसी हुई गैस बाहर निकलने की कोशिश करती है। कई बार यही प्रक्रिया पेट में ऐंठन और बार-बार शौच जाने की इच्छा पैदा कर सकती है। कोलाइटिस या डायवर्टिकुलर रोग जैसी स्थितियों में यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि भोजन के बाद पेट दर्द बार-बार हो, दर्द बहुत तेज हो, उल्टी, बुखार, वजन कम होना, खून की उल्टी या काले रंग का मल जैसी समस्याएं भी दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार होने वाले पेट दर्द को सामान्य अपच समझकर अनदेखा करना उचित नहीं है। समय पर जांच और सही उपचार से अधिकांश पाचन संबंधी समस्याओं का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है।