नई दिल्ली
अगर आप घर का बना पौष्टिक खाना खाते हैं, फल-सब्जियों का सेवन करते हैं और फास्ट फूड से दूरी बनाए रखते हैं, फिर भी आपका वजन बढ़ रहा है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। केवल स्वस्थ भोजन करना ही वजन नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। भोजन की मात्रा, नींद, तनाव, शारीरिक गतिविधि, हार्मोन और कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी वजन को प्रभावित कर सकती हैं।आइए जानते हैं स्वस्थ भोजन करने के बावजूद वजन बढ़ने के 7 संभावित कारण।
स्वस्थ भोजन भी अगर जरूरत से ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो वजन बढ़ सकता है। मेवे, बीज, पीनट बटर, एवोकाडो, साबुत अनाज, पनीर और खाना पकाने का तेल पौष्टिक होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी की मात्रा भी अधिक हो सकती है।
उदाहरण के लिए, सलाद में बड़ी मात्रा में मेवे, चीज या ड्रेसिंग डालने से उसकी कैलोरी काफी बढ़ सकती है। इसलिए सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि भोजन स्वस्थ है या नहीं, उसकी मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है।
धीरे-धीरे खाना और भूख तथा पेट भरने के संकेतों को समझना अनजाने में ज्यादा खाने से बचाने में मदद कर सकता है।
ग्रेनोला, प्रोटीन बार, स्मूदी, सूखे मेवे और दही जैसे खाद्य पदार्थ पौष्टिक हो सकते हैं, लेकिन इनमें आपकी अपेक्षा से ज्यादा कैलोरी हो सकती है।अगर आप दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार खाते रहते हैं, तो कुल कैलोरी जरूरत से ज्यादा हो सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि आप वास्तव में भूख लगने पर खा रहे हैं या बोरियत, तनाव या केवल सामने खाना उपलब्ध होने के कारण।
वजन नियंत्रित करने में सिर्फ खान-पान ही महत्वपूर्ण नहीं है। रोजाना की शारीरिक गतिविधि भी अहम भूमिका निभाती है।संभव है कि आप नियमित व्यायाम करते हों, लेकिन दिन का अधिकांश समय डेस्क पर बैठकर, घर से काम करते हुए, यात्रा करते हुए या टीवी देखते हुए बिताते हों। इससे आपकी कुल ऊर्जा खपत कम हो सकती है।
रोजाना ज्यादा चलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और घर के काम जैसी सामान्य गतिविधियां बढ़ाना भी उपयोगी हो सकता है।
नींद की कमी भी वजन बढ़ने में भूमिका निभा सकती है। पर्याप्त नींद न लेने से भूख और पेट भरने से जुड़े हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं। इससे ज्यादा खाने या अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की इच्छा बढ़ सकती है।
कम नींद के कारण दिनभर थकान भी रह सकती है, जिससे शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। इसलिए वजन नियंत्रित करने के लिए भोजन और व्यायाम के साथ पर्याप्त और नियमित नींद पर भी ध्यान देना जरूरी है।
लंबे समय तक रहने वाला तनाव खान-पान और जीवनशैली दोनों को प्रभावित कर सकता है। कुछ लोग तनाव की स्थिति में ज्यादा खाने लगते हैं और खासकर मीठे, तले या अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं।
तनाव नींद को प्रभावित कर सकता है और व्यायाम करने की इच्छा भी कम कर सकता है। हालांकि वजन बढ़ने के लिए केवल कोर्टिसोल को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। खान-पान, नींद, शारीरिक गतिविधि और कुल कैलोरी सेवन में बदलाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।तनाव कम करने के लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, विश्राम, शौक और परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताना मददगार हो सकता है।
लगातार वजन बढ़ने का कारण हमेशा खान-पान नहीं होता। कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी वजन बढ़ने या वजन कम करने में परेशानी का कारण बन सकती हैं।उदाहरण के लिए, हाइपोथायरॉइडिज्म यानी थायरॉइड ग्रंथि के कम सक्रिय होने पर थकान, ठंड ज्यादा लगना, कब्ज और वजन बढ़ने जैसे लक्षण हो सकते हैं।
कुछ हार्मोन संबंधी स्थितियां और कुछ दवाएं भी वजन को प्रभावित कर सकती हैं। इनमें कुछ एंटीडिप्रेसेंट, स्टेरॉयड और मधुमेह के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं।अगर वजन लगातार बढ़ रहा है और इसका कोई स्पष्ट कारण समझ में नहीं आ रहा है, खासकर यदि इसके साथ अन्य लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
हर दिन वजन थोड़ा कम या ज्यादा होना सामान्य है। शरीर में पानी का जमा होना, नमक का अधिक सेवन, हार्मोनल बदलाव, कब्ज, पाचन तंत्र में मौजूद भोजन और व्यायाम में बदलाव से वजन में अस्थायी उतार-चढ़ाव हो सकता है।
अगर आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर रहे हैं, तो संभव है कि शरीर की चर्बी कम होने के साथ मांसपेशियां बढ़ रही हों। ऐसे में शरीर की बनावट में सकारात्मक बदलाव हो सकता है, लेकिन वजन में ज्यादा अंतर दिखाई न दे।
इसलिए सिर्फ वजन के कांटे पर निर्भर रहने के बजाय लंबे समय के रुझान पर ध्यान देना चाहिए। कमर का आकार, कपड़ों की फिटिंग, फिटनेस स्तर और अन्य स्वास्थ्य संकेतक भी उपयोगी जानकारी दे सकते हैं।
पौष्टिक भोजन अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन शरीर का वजन कई कारकों से प्रभावित होता है। भोजन की मात्रा, बार-बार स्नैकिंग, शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव, दवाएं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और शरीर की संरचना में बदलाव—ये सभी वजन को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए स्वस्थ भोजन करने के बावजूद अगर वजन लगातार बढ़ रहा है, तो केवल डाइट को दोष देने के बजाय अपनी पूरी दिनचर्या और स्वास्थ्य स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।