नई दिल्ली
क्या काम से घर लौटने के बाद शाम को अचानक बहुत तेज भूख लगने लगती है? क्या सूर्यास्त के बाद बार-बार कुछ स्वादिष्ट खाने का मन करता है? अगर ऐसा आपके साथ भी होता है, तो आप अकेले नहीं हैं। बहुत से लोगों को शाम के समय भूख और स्नैक्स की क्रेविंग बढ़ने की शिकायत होती है।
इसके पीछे कई बार दिनभर की खान-पान की आदतें जिम्मेदार होती हैं। आइए जानते हैं शाम को ज्यादा भूख लगने के पांच प्रमुख कारण।
दोपहर का भोजन पर्याप्त और संतुलित होना जरूरी है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और स्वस्थ वसा शामिल होने चाहिए। अगर लंच बहुत कम है या उसमें जरूरी पोषक तत्वों की कमी है, तो शाम तक तेज भूख लग सकती है।
प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इसके विपरीत, केवल कार्बोहाइड्रेट पर आधारित भोजन के बाद अपेक्षाकृत जल्दी भूख लग सकती है।
भोजन में अपनी पसंद के अनुसार दाल, दही, पनीर, टोफू, अंडे, मछली, चिकन या अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
अगर लंच और डिनर के बीच काफी लंबा अंतर हो जाता है, तो शाम तक भूख बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर जब रात का खाना देर से होता हो, तब बीच में हल्का और पौष्टिक स्नैक लेना ज्यादा खाने से बचने में मदद कर सकता है।
वजन कम करने या डाइटिंग के चक्कर में दिनभर बहुत कम कैलोरी लेना भी शाम की तेज भूख का कारण बन सकता है। शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषक तत्व नहीं मिलने पर बाद में खाने की इच्छा बढ़ सकती है।
इसलिए भोजन की मात्रा को जरूरत से ज्यादा सीमित करने के बजाय संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है।
हर बार खाने की इच्छा का मतलब वास्तविक भूख नहीं होता। प्यास, तनाव, थकान, ऊब या टीवी देखते हुए स्नैक्स खाने की आदत भी बार-बार खाने की इच्छा पैदा कर सकती है।
इसलिए कुछ खाने से पहले खुद से पूछें कि वास्तव में भूख लगी है या सिर्फ कुछ खाने का मन हो रहा है। पर्याप्त पानी पीना और अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना भी मददगार हो सकता है।
शाम को भूख लगने पर खाने से पूरी तरह बचना जरूरी नहीं है। कोशिश करें कि स्नैक पौष्टिक और संतुलित हो। मेवे, फल, भुने चने, मखाना, दही या सब्जियों वाला सैंडविच जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं।
मुख्य बात यह है कि शाम की भूख को नजरअंदाज करने के बजाय उसके कारण को समझें और जरूरत के मुताबिक स्वस्थ विकल्प चुनें।