नई दिल्ली।
वजन कम करने की कोशिश करने वालों को अक्सर ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है। भोजन से पहले एक गिलास पानी पीने से लेकर मीठे और शीतल पेय की जगह सादा पानी पीने तक, ऐसी कई सलाह आम हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या अधिक पानी पीने से वास्तव में शरीर की चर्बी कम होती है या यह महज एक लोकप्रिय धारणा है?
विशेषज्ञों के अनुसार, पानी अपने आप शरीर की चर्बी कम नहीं करता। हालांकि, पर्याप्त पानी पीना वजन नियंत्रित करने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर सकता है। खासकर तब, जब पानी को ज्यादा कैलोरी वाले पेय पदार्थों की जगह इस्तेमाल किया जाए। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि भोजन से पहले पानी पीने से कुछ लोगों को कम मात्रा में खाना खाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस विषय पर उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण पूरी तरह एकमत नहीं हैं।
सादा पानी पीने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें कैलोरी नहीं होती। ऐसे में अगर आप मीठे पेय, शीतल पेय या अन्य कैलोरी वाले ड्रिंक की जगह पानी पीते हैं तो रोजाना की कैलोरी खपत कम हो सकती है।
पानी पेट में कुछ जगह घेरता है, जिससे कुछ लोगों को थोड़ी देर के लिए पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे भोजन के समय कम खाने में मदद मिल सकती है। लेकिन यह प्रभाव हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता और सिर्फ पानी पीना संतुलित एवं पौष्टिक आहार का विकल्प नहीं है।
अक्सर दावा किया जाता है कि ठंडा पानी पीने से शरीर को उसे सामान्य तापमान तक गर्म करने के लिए अतिरिक्त कैलोरी खर्च करनी पड़ती है। पानी पीने से शरीर के ऊर्जा खर्च और कुछ चयापचय प्रक्रियाओं पर थोड़े समय के लिए असर पड़ सकता है, लेकिन इसका प्रभाव इतना बड़ा नहीं है कि केवल ज्यादा पानी पीने से तेजी से वजन कम हो जाए।
उपलब्ध शोध यह साबित नहीं करते कि सिर्फ पानी की मात्रा बढ़ा देने से मेटाबॉलिज्म में इतनी उल्लेखनीय वृद्धि होती है कि वजन में बड़ी कमी आ जाए। हालांकि, मीठे या कैलोरी वाले पेय की जगह पानी लेने से वजन नियंत्रण में कुछ फायदा हो सकता है।
यह धारणा काफी प्रचलित है कि कई बार प्यास को लोग भूख समझ लेते हैं और जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर देते हैं। हालांकि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन प्यास और भूख के बीच संबंध इतना सीधा नहीं है।
इसलिए केवल भूख लगने पर पानी पीकर भोजन को टालना सही तरीका नहीं है। अगर वास्तव में भूख लगी है तो शरीर को पर्याप्त भोजन और पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
नियमित रूप से पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से डिहाइड्रेशन से बचने में मदद मिलती है। शरीर में पानी की कमी होने पर थकान, सिरदर्द और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हर व्यक्ति के लिए पानी या तरल पदार्थ की एक समान मात्रा तय नहीं की जा सकती। शरीर का आकार, शारीरिक गतिविधि, मौसम, गर्भावस्था, स्तनपान और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां पानी की जरूरत को प्रभावित करती हैं।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, अधिकांश लोगों के लिए दिन में लगभग 6 से 8 कप या गिलास तरल पदार्थ एक सामान्य मार्गदर्शक है। हालांकि, गर्म मौसम या अधिक शारीरिक गतिविधि के दौरान जरूरत बढ़ सकती है।
पानी के अलावा कम वसा वाला दूध और बिना चीनी वाली चाय-कॉफी भी दैनिक तरल पदार्थ की जरूरत पूरी करने में योगदान दे सकती हैं। भोजन के जरिए भी शरीर को कुछ मात्रा में पानी मिलता है।
पानी की जरूरत समझने के लिए प्यास और पेशाब के रंग को भी एक व्यावहारिक संकेत माना जा सकता है। पर्याप्त हाइड्रेशन की स्थिति में पेशाब आमतौर पर हल्के पीले रंग का होता है।
नहीं। वजन कम करने के लिए जरूरत से ज्यादा पानी पीना न तो प्रभावी रणनीति है और न ही सुरक्षित।
कम समय में बहुत अधिक मात्रा में पानी पीने से शरीर में सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो सकता है। इस स्थिति को हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है और गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी हो सकती है।
इसलिए वजन घटाने के लिए जबरदस्ती कई लीटर पानी पीने की जरूरत नहीं है। बेहतर तरीका यह है कि शरीर की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त पानी पिएं, मीठे और ज्यादा कैलोरी वाले पेय पदार्थों की जगह पानी को प्राथमिकता दें और वजन नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार तथा नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें।
पानी वजन घटाने की कोई जादुई दवा नहीं है। लेकिन पर्याप्त पानी पीना स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मीठे पेय पदार्थों की जगह पानी लेने से कैलोरी की खपत कम करने में मदद मिल सकती है। लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा पानी पीना नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी पीना होना चाहिए।