नई दिल्ली
लिवर यानी यकृत हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह पोषक तत्वों के प्रसंस्करण, पित्त के निर्माण, दवाओं और अन्य पदार्थों के चयापचय समेत कई जरूरी काम करता है। आमतौर पर कहा जाता है कि कुछ खाद्य पदार्थ लिवर को “डिटॉक्स” या साफ करते हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि किसी एक भोजन से लिवर की सफाई नहीं होती। स्वस्थ लिवर स्वयं शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को संसाधित करता है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और शराब से दूरी लिवर के स्वास्थ्य के लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं।
फिर भी कुछ पौष्टिक खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिन्हें संतुलित भोजन का हिस्सा बनाकर लिवर के सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
लहसुन में सल्फर यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसे सीमित मात्रा में नियमित भोजन में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, लहसुन को किसी लिवर रोग का इलाज या “डिटॉक्स दवा” नहीं माना जाना चाहिए।
संतरा, नींबू, मौसमी और अंगूर जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी और अन्य पौधों से मिलने वाले यौगिक होते हैं। ये संतुलित आहार का पौष्टिक हिस्सा हैं। इन्हें जूस की बजाय साबुत फल के रूप में खाना बेहतर रहता है, क्योंकि इससे फाइबर भी मिलता है।
ब्रोकोली, फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी क्रूसिफेरस सब्जियां फाइबर और विभिन्न फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होती हैं। इन्हें नियमित आहार में शामिल करना समग्र स्वास्थ्य और संतुलित पोषण के लिए फायदेमंद हो सकता है।
हल्दी में करक्यूमिन नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है, जिस पर इसके एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुणों के लिए शोध हुआ है। भोजन में सामान्य मात्रा में हल्दी का इस्तेमाल अलग बात है, लेकिन हाई-डोज करक्यूमिन या हर्बल सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना लेना उचित नहीं है।
अखरोट में स्वस्थ वसा, ओमेगा-3 फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। मुट्ठी भर अखरोट को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, इन्हें भी लिवर की “सफाई” करने वाला विशेष भोजन कहना सही नहीं होगा।
चुकंदर में फाइबर, फोलेट और अन्य पौधों से मिलने वाले पोषक तत्व होते हैं। इसे सलाद या सब्जी के रूप में भोजन में शामिल किया जा सकता है। यह समग्र स्वस्थ आहार का हिस्सा बनकर फायदा पहुंचा सकता है।
गाजर बीटा-कैरोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है। नियमित रूप से विभिन्न रंगों की सब्जियां खाने से शरीर को जरूरी विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं।
ग्रीन टी में कैटेचिन जैसे पॉलीफेनॉल पाए जाते हैं। सामान्य मात्रा में पेय के रूप में ग्रीन टी आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है। हालांकि, ग्रीन टी के कंसंट्रेटेड एक्सट्रैक्ट या कैप्सूल को लिवर के लिए फायदेमंद मानकर लेना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे उत्पादों से दुर्लभ मामलों में लिवर को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है।
सेब में फाइबर और कई पौधों से मिलने वाले पोषक तत्व होते हैं। साबुत सेब खाना जूस पीने की तुलना में बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें फाइबर बना रहता है।
एवोकैडो में मोनोअनसैचुरेटेड फैट, फाइबर और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में इसे संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए केवल कुछ “डिटॉक्स फूड” पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। ज्यादा महत्वपूर्ण है कि भोजन में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और उचित मात्रा में प्रोटीन शामिल हों। अत्यधिक तले-भुने और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों, शराब और अनावश्यक सप्लीमेंट से बचना भी महत्वपूर्ण है।
खास तौर पर बिना डॉक्टर की सलाह के हर्बल या “लिवर डिटॉक्स” सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है, क्योंकि कुछ प्राकृतिक उत्पाद भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ध्यान दें: यदि आंखों या त्वचा में पीलापन, गहरे रंग का पेशाब, लगातार पेट दर्द, अत्यधिक थकान या लिवर की जांच में एंजाइम बढ़े हुए हों, तो केवल खान-पान पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।