नई दिल्ली।
चमकदार और स्वस्थ त्वचा पाने के लिए “दिन में 8 गिलास पानी पिएं” जैसी सलाह लंबे समय से दी जाती रही है। लेकिन अब विशेषज्ञ इस धारणा पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सिर्फ अधिक पानी पीने से त्वचा में जादुई सुधार नहीं होता, बल्कि इसके पीछे कई वैज्ञानिक पहलू काम करते हैं।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर को जितने पानी की जरूरत होती है, वह उसे खुद नियंत्रित करता है। यदि आप जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं, तो शरीर अतिरिक्त पानी को त्वचा तक पहुंचाने के बजाय मूत्र के जरिए बाहर निकाल देता है। यानी अधिक पानी पीने का सीधा असर त्वचा पर नहीं, बल्कि आपके पेशाब के रंग पर दिखाई देता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि किडनी शरीर की एक अत्यंत प्रभावी फिल्टर प्रणाली है, जो रोजाना बड़ी मात्रा में तरल पदार्थ को प्रोसेस करती है। शरीर अपनी जरूरत के अनुसार पानी को बनाए रखता है और अतिरिक्त पानी को बाहर निकाल देता है। ऐसे में केवल पानी बढ़ाने से त्वचा की नमी या चमक में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता।
वैज्ञानिक अध्ययनों में भी इस बात की पुष्टि हुई है। जर्मनी के बर्लिन स्थित चैरिटे यूनिवर्सिटी के एक शोध में पाया गया कि यदि व्यक्ति पहले से पर्याप्त पानी पी रहा है, तो अतिरिक्त पानी पीने से त्वचा में कोई खास सुधार नहीं होता। वहीं, कोरिया में 2024 में हुए एक अध्ययन में यह सामने आया कि मॉइस्चराइजर का नियमित उपयोग, केवल अधिक पानी पीने की तुलना में त्वचा के लिए अधिक प्रभावी साबित हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्वचा की सेहत केवल पानी पर निर्भर नहीं करती, बल्कि खानपान और जीवनशैली भी अहम भूमिका निभाते हैं। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित शोध के अनुसार, अधिक मीठा खाने से मुहांसों का खतरा 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। वहीं, कम वसा वाला दूध भी त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि यह तेल ग्रंथियों को सक्रिय करता है।
इसके विपरीत, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन A और C, तथा जिंक से भरपूर आहार त्वचा के लिए अधिक लाभकारी होता है। सैल्मन मछली, हरी सब्जियां, फल और नट्स जैसे खाद्य पदार्थ त्वचा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। साथ ही, सनस्क्रीन का नियमित उपयोग भी त्वचा को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पानी पीना जरूरी नहीं है। विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने पर त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, लेकिन “ज्यादा पानी = बेहतर त्वचा” का फॉर्मूला पूरी तरह सही नहीं है।
एक विशेषज्ञ के अनुसार, “यह केवल पानी या केवल डाइट का मामला नहीं है, बल्कि दोनों के बीच संतुलन जरूरी है।” यदि आप पर्याप्त पोषण नहीं ले रहे और सिर्फ पानी पर निर्भर हैं, या अच्छी डाइट के बावजूद डिहाइड्रेटेड हैं, तो दोनों ही स्थितियों में त्वचा को पूरा लाभ नहीं मिलेगा।
कुल मिलाकर, स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए केवल पानी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। सही मात्रा में पानी, संतुलित आहार, नियमित स्किनकेयर और स्वस्थ जीवनशैली—इन सभी का संयोजन ही बेहतर परिणाम देता है। इसलिए 8 गिलास पानी के मिथक के पीछे भागने के बजाय, संतुलित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना ही सही रास्ता है।