नई दिल्ली:
गर्मियों के मौसम में शरीर में पानी की कमी यानी निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) एक आम समस्या है। अधिकांश लोग इसे केवल प्यास या थकान तक सीमित मानते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक पानी की कमी शरीर के साथ-साथ त्वचा पर भी गंभीर असर डाल सकती है। इतना ही नहीं, लगातार निर्जलीकरण त्वचा को समय से पहले बूढ़ा दिखाने का कारण भी बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता, तो त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी और लोच खोने लगती है। परिणामस्वरूप त्वचा रूखी, बेजान और थकी हुई दिखाई देने लगती है। इस स्थिति में चेहरे की महीन रेखाएं और झुर्रियां अधिक स्पष्ट नजर आने लगती हैं, जिससे व्यक्ति अपनी वास्तविक उम्र से अधिक उम्रदराज दिख सकता है।
त्वचा की बाहरी परत को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पर्याप्त नमी आवश्यक होती है। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो त्वचा की सुरक्षात्मक परत कमजोर पड़ने लगती है। इससे त्वचा नमी को बनाए रखने में असमर्थ हो जाती है और उसकी चमक कम होने लगती है।
ऐसी त्वचा अक्सर खुरदुरी, फीकी और कम लचीली दिखाई देती है। कई लोगों को त्वचा में खिंचाव महसूस होता है, जबकि कुछ मामलों में आंखों और होंठों के आसपास अस्थायी बारीक झुर्रियां भी उभर सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा में पानी की कमी होने पर निम्नलिखित संकेत दिखाई दे सकते हैं:
हालांकि अच्छी बात यह है कि निर्जलीकरण से होने वाले अधिकांश बदलाव उचित जल सेवन और त्वचा की देखभाल से सुधारे जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्जलीकरण लंबे समय तक बना रहे, तो त्वचा की मरम्मत करने की प्राकृतिक क्षमता प्रभावित हो सकती है। वर्ष 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लगातार पानी की कमी त्वचा की सुरक्षात्मक बाधा को कमजोर कर सकती है और कोलेजन के टूटने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है।
इसके साथ ही धूप, प्रदूषण, तनाव और अस्वस्थ जीवनशैली जैसे कारक भी त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं।
गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बाहर रहने वाले लोग, बार-बार यात्रा करने वाले, वातानुकूलित कमरों में काम करने वाले और कम पानी पीने वाले लोगों में निर्जलीकरण का खतरा अधिक होता है।
संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में इसके प्रभाव और भी जल्दी दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा अत्यधिक कैफीन, शराब, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन और कठोर त्वचा देखभाल उत्पादों का उपयोग भी त्वचा की नमी को कम कर सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा तरबूज, खीरा, संतरा और अन्य पानी से भरपूर फल एवं सब्जियां भी शरीर में नमी बनाए रखने में मदद करती हैं।
त्वचा की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से मॉइस्चराइजर का उपयोग करना चाहिए और रोजाना सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है। अत्यधिक फेसवॉश, स्क्रब या एक्सफोलिएशन से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और धूम्रपान से दूरी जैसी स्वस्थ आदतें भी त्वचा को लंबे समय तक युवा और स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि शरीर को भीतर से हाइड्रेट रखना भी उतना ही जरूरी है।