नई दिल्ली
बहुत से लोगों की सुबह एक कप ब्लैक कॉफी के बिना शुरू ही नहीं होती। कॉफी पीते ही सुस्ती दूर होती है, सतर्कता बढ़ती है और काम पर ध्यान लगाने में मदद मिलती है। लेकिन सवाल यह है कि अगर ब्लैक कॉफी सुबह खाली पेट पी जाए तो क्या होता है?
ज्यादातर स्वस्थ लोग सीमित मात्रा में खाली पेट ब्लैक कॉफी पी सकते हैं और इससे उन्हें कोई बड़ी परेशानी नहीं होती। हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर कैफीन और कॉफी के प्रति एक जैसा प्रतिक्रिया नहीं करता। कुछ लोगों में खाली पेट कॉफी एसिडिटी, सीने में जलन, पेट की परेशानी या एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकती है।
ब्लैक कॉफी स्वाभाविक रूप से अम्लीय होती है। जब इसे खाली पेट लिया जाता है, तो कुछ संवेदनशील लोगों में इसके कारण पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ सकता है। इसका नतीजा पेट में जलन, असहजता या खट्टी डकार के रूप में सामने आ सकता है।
कॉफी में मौजूद कैफीन ग्रासनली के निचले हिस्से की स्फिंक्टर मांसपेशी को कुछ लोगों में ढीला कर सकता है। यह मांसपेशी सामान्य तौर पर पेट के एसिड को वापस ग्रासनली में जाने से रोकने में मदद करती है। इसके ढीला होने पर संवेदनशील लोगों में एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की शिकायत हो सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि खाली पेट कॉफी हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक है। इसका असर व्यक्ति की संवेदनशीलता, कॉफी की मात्रा और सेवन के तरीके पर निर्भर करता है।
कुछ लोगों में ऐसा हो सकता है। 2022 में Nutrients पत्रिका में प्रकाशित एक समीक्षा के मुताबिक, कॉफी पेट में एसिड और गैस्ट्रिन के उत्पादन को बढ़ावा दे सकती है। गैस्ट्रिन पाचन प्रक्रिया से जुड़ा एक हार्मोन है।
हालांकि, कॉफी और एसिड रिफ्लक्स के बीच संबंध को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं। कुछ अध्ययनों में कॉफी से रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ने की बात सामने आई है, जबकि कुछ में कोई महत्वपूर्ण संबंध नहीं मिला।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि कॉफी पीने से हर व्यक्ति को एसिडिटी होगी। इसका असर व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकता है। कॉफी की किस्म, रोस्टिंग, बनाने का तरीका, मात्रा और इसे भोजन के साथ या खाली पेट लेने जैसे कारक भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
अगर आपको पहले से एसिड रिफ्लक्स, GERD, गैस्ट्राइटिस या संवेदनशील पेट की समस्या है, तो खाली पेट ब्लैक कॉफी परेशानी बढ़ा सकती है।
ऐसे लोगों को कॉफी पीने के बाद पेट में जलन, खट्टी डकार, सीने में जलन या असहजता महसूस हो सकती है। कुछ लोगों में बिना भोजन के कैफीन लेने से घबराहट, बेचैनी या हाथ-पैर कांपने जैसी परेशानी भी महसूस हो सकती है।
अगर आपको बार-बार कॉफी पीने के बाद ऐसी शिकायत होती है, तो इसे खाली पेट लेने के बजाय नाश्ते के बाद या भोजन के साथ लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। कॉफी की मात्रा कम करना भी मददगार हो सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को कॉफी से कोई परेशानी नहीं होती, तो ब्लैक कॉफी के कुछ सामान्य फायदे हो सकते हैं। बिना दूध, चीनी या क्रीम की ब्लैक कॉफी में कैलोरी बहुत कम होती है। इसमें मौजूद कैफीन सतर्कता, ध्यान और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने में मदद कर सकता है।
इसी वजह से बहुत से लोग सुबह कॉफी पीना पसंद करते हैं। हालांकि, केवल खाली पेट ब्लैक कॉफी पीने को वजन घटाने या किसी खास स्वास्थ्य लाभ की रणनीति नहीं माना जाना चाहिए।
खाली पेट ब्लैक कॉफी हर किसी के लिए नुकसानदायक नहीं है, लेकिन जिन लोगों को एसिडिटी, रिफ्लक्स या पेट की संवेदनशीलता की समस्या है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। अगर कॉफी पीने के बाद बार-बार पेट में जलन या सीने में जलन होती है, तो इसे खाली पेट लेने से बचें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कॉफी का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है। अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझकर ही इसकी मात्रा और समय तय करना बेहतर है।