आवाज द वॉयस/ तेहरान
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के करीब आते ही दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें उन टीमों पर टिकी हैं जो इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने की तैयारी कर रही हैं। इसी बीच ईरान ने अपनी 26 सदस्यीय अंतिम टीम की घोषणा कर दी है। टीम की घोषणा के साथ ही उन तमाम अटकलों पर लगभग विराम लग गया है जो पिछले कुछ महीनों से ईरान की विश्व कप में भागीदारी को लेकर लगाई जा रही थीं।
पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात, अमेरिका के साथ राजनीतिक मतभेद और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण यह सवाल उठ रहा था कि क्या ईरान फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा ले पाएगा। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना था कि राजनीतिक परिस्थितियां ईरानी टीम की तैयारियों और यात्रा योजनाओं को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि अब टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान ने वर्ल्ड कप क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने समूह में शीर्ष स्थान हासिल किया था। टीम ने अपने अभियान के दौरान सात मुकाबलों में जीत दर्ज की और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए विश्व कप का टिकट हासिल किया। इस सफलता में सबसे बड़ी भूमिका टीम के अनुभवी स्ट्राइकर Mehdi Taremi ने निभाई, जिन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन से टीम को मजबूती प्रदान की।
World Cup 2026 fever is rising across the US, Mexico and Canada, but so is controversy. Donald Trump takes centre stage after receiving FIFA’s first Peace Prize, as Iran’s squad battles visa woes and US prosecutors probe ticket prices.
— Al Jazeera English (@AJEnglish) June 1, 2026
Al Jazeera’s Rosiland Jordan reports. pic.twitter.com/TKY50XDD31
33 वर्षीय तारेमी इस समय ईरानी फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं। उन्होंने क्वालीफाइंग अभियान में 15 मैचों में 10 गोल दागकर अपनी टीम को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाईं। यह उनका तीसरा विश्व कप होगा और उनसे एक बार फिर बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
ईरान का विश्व कप इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम अब तक छह विश्व कप टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुकी है, लेकिन कभी भी ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई। इस बार ईरानी प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनकी टीम इतिहास रचेगी और पहली बार नॉकआउट चरण में जगह बनाएगी।
ग्रुप चरण में ईरान का सामना मजबूत टीमों से होगा। उसे न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र जैसी टीमों की चुनौती का सामना करना है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान अपनी क्वालीफाइंग फॉर्म को बरकरार रखने में सफल रहता है, तो वह इन टीमों को कड़ी टक्कर दे सकता है।
ईरान के मुख्य कोच ने अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का संतुलित मिश्रण तैयार किया है। टीम में ऐसे कई खिलाड़ी शामिल हैं जो यूरोप और एशिया की प्रमुख लीगों में खेलते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव रखते हैं।
गोलकीपर:
अलीरेज़ा बेइरानवंद, हुसैन हुसैनी, पयाम नियाज़मंद
डिफेंडर:
डेनियल इरी, एहसान हजसाफी, सालेह हरदानी, होसैन कनानी, शोका खलीलजादेह, मिलाद मोहम्मदी, अली नेमाती, ओमिद नौराफकन, रामिन रेज़ियान
मिडफील्डर:
रौज़बेह चेशमी, सईद एजातुल्लाही, मेहदी ग़ेदी, समन घोड्डोश, मोहम्मद घोरबानी, अलीरेज़ा जहानबख्श, मोहम्मद मोहेबी, अमीर मोहम्मद रज़ाघिनिया, मेहदी तोराबी और आरिया युसेफी
फॉरवर्ड:
अली अलीपुर, डेनिस दरगाही, अमीरहोसैन होसैनज़ादेह, अमीरहोसैन महमूदी और मेहदी तारेमी
विश्व कप से पहले टीम की घोषणा ने ईरान के फुटबॉल प्रशंसकों में उत्साह भर दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरानी टीम अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर इतिहास रच पाएगी। यदि मेहदी तारेमी और उनके साथी खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहरा सके, तो यह विश्व कप ईरानी फुटबॉल के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है।