इसबगोल को लेकर 5 बड़ी गलतफहमियां, जानिए सच्चाई

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 28-02-2026
5 big misconceptions about Psyllium, know the truth
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नई दिल्ली।

पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए इसबगोल का उपयोग वर्षों से किया जाता रहा है। कब्ज से राहत दिलाने और आंतों की सेहत सुधारने में यह एक भरोसेमंद घरेलू उपाय माना जाता है। लेकिन लोकप्रियता के साथ-साथ इसबगोल को लेकर कई मिथक भी फैल गए हैं। आइए जानते हैं उन गलत धारणाओं की सच्चाई, जिन पर अब विश्वास करना बंद कर देना चाहिएI

मिथक 1: इसबगोल प्राकृतिक नहीं है

सच्चाई यह है कि इसबगोल पूरी तरह प्राकृतिक उत्पाद है। इसे साइलियम हस्क भी कहा जाता है, जो Plantago ovata के बीज का बाहरी छिलका होता है। यह घुलनशील फाइबर का समृद्ध स्रोत है। कई लोग इसे प्रोसेस्ड या केमिकल युक्त समझते हैं, जबकि यह सीधे पौधे से प्राप्त होता है और पाचन के लिए सौम्य व सुरक्षित माना जाता है।

मिथक 2: इसबगोल की आदत पड़ जाती है

यह एक आम गलतफहमी है कि इसबगोल लेने से शरीर इसकी आदत डाल लेता है। दरअसल, यह उत्तेजक रेचक (स्टिमुलेंट लैक्सेटिव) नहीं है। यह पानी सोखकर जेल जैसा बनता है, जिससे मल की मात्रा बढ़ती है और मल त्याग स्वाभाविक रूप से आसान होता है। यह आंतों की कार्यप्रणाली को समर्थन देता है, न कि उन्हें मजबूर करता है। इसलिए इससे निर्भरता की समस्या नहीं होती।

मिथक 3: इसबगोल से गैस और पेट फूलना बढ़ता है

किसी भी फाइबर का सेवन अचानक बढ़ाने पर गैस या ब्लोटिंग हो सकती है। यह केवल इसबगोल तक सीमित नहीं है, बल्कि जई, चिया सीड्स, फल और सब्जियों पर भी लागू होता है। समाधान यह है कि फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई जाए और पर्याप्त पानी पिया जाए। शुरुआत में हल्की गैस होना इस बात का संकेत है कि शरीर नए फाइबर के अनुकूल हो रहा है।

मिथक 4: रोजाना इसबगोल लेना हानिकारक है

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपके आहार में फाइबर की कमी है तो इसबगोल का रोजाना सेवन सुरक्षित है। एक वयस्क को प्रतिदिन लगभग 25–30 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है, जबकि अधिकांश लोगों की डाइट में इसकी कमी पाई जाती है। इसबगोल इस कमी को पूरा करने का आसान तरीका हो सकता है, बशर्ते इसे पर्याप्त पानी के साथ लिया जाए।

मिथक 5: इसबगोल के गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं

सही तरीके से सेवन करने पर इसबगोल आमतौर पर सुरक्षित है। इसे कभी भी सूखा नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इससे गले में अटकने या घुटन का खतरा हो सकता है। हमेशा एक गिलास पानी के साथ 1 चम्मच से शुरुआत करें और जरूरत अनुसार मात्रा बढ़ाएं। उचित सेवन से इसके गंभीर दुष्प्रभाव की संभावना बेहद कम होती है।इसबगोल एक प्राकृतिक और प्रभावी फाइबर सप्लीमेंट है, जो पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। गलत धारणाओं के बजाय सही जानकारी के आधार पर इसका उपयोग करना ही समझदारी है।