नई दिल्ली।
हर्बल चाय का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कैमोमाइल, पुदीना और हिबिस्कस के बाद अब अपराजिता चाय भी लोगों की पसंद बनती जा रही है। फिटनेस प्रेमी और हेल्थ कॉन्शियस लोग इसे अपनी डेली रूटीन में शामिल कर रहे हैं। लेकिन सवाल है—क्या अपराजिता चाय रोज पीना फायदेमंद है?
क्या है अपराजिता चाय?
अपराजिता चाय, Clitoria ternatea (अपराजिता फूल) के सूखे नीले फूलों से बनाई जाती है। यह चाय अपने चमकीले नीले रंग और प्राकृतिक औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट इसे खास बनाते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, बढ़ाए इम्युनिटी
अपराजिता चाय में पाए जाने वाले एंथोसायनिन शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। यह कोशिकाओं की सुरक्षा करते हैं और उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके नियमित और सीमित सेवन से त्वचा में कसाव बना रहता है क्योंकि यह कोलेजन को सपोर्ट करता है।
दिमाग और याददाश्त के लिए फायदेमंद
कुछ शोध बताते हैं कि अपराजिता फूल में मौजूद तत्व मस्तिष्क के कार्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं। यह तनाव कम करने, फोकस बढ़ाने और याददाश्त को मजबूत करने में मदद कर सकती है। इसलिए कई लोग इसे ‘ब्रेन बूस्टर टी’ भी कहते हैं।
ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार
2018 के एक छोटे अध्ययन में पाया गया कि अपराजिता अर्क से बने पेय का सेवन करने से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट स्तर बढ़ा और ब्लड शुगर व इंसुलिन स्तर में कमी देखी गई। पशु अध्ययनों में भी यह संकेत मिला है कि यह इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बना सकती है। हालांकि, मधुमेह के मरीजों को इसे डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।
सूजन कम करे और नींद में सुधार
अपराजिता चाय में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। यह कैफीन-फ्री होती है, इसलिए इसे शाम के समय पीने से नींद पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता। कई लोग इसे रिलैक्सेशन ड्रिंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
कितना सेवन है सही?
विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में 1–2 कप अपराजिता चाय पर्याप्त है। अधिक मात्रा में सेवन से पेट संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।अपराजिता चाय सीमित मात्रा में पीने से एंटीऑक्सीडेंट लाभ, बेहतर मानसिक स्वास्थ्य, ब्लड शुगर कंट्रोल और अच्छी नींद जैसे फायदे मिल सकते हैं। हालांकि, किसी भी हर्बल ड्रिंक को नियमित रूप से अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।





