सिर्फ रमजान में ही क्यों सजता है Vietnam का यह बजार?

Story by  अर्सला खान | Published by  [email protected] | Date 28-02-2026
The splendor of Ramadan abroad: Why is this market in Vietnam decorated only during the holy month?
The splendor of Ramadan abroad: Why is this market in Vietnam decorated only during the holy month?

 

अर्सला खान/नई दिल्ली

Ho Chi Minh City का नाम आते ही आधुनिक इमारतें, व्यस्त सड़कें और तेज़ रफ्तार ज़िंदगी की तस्वीर सामने आती है, लेकिन इसी शहर के चान्ह हंग वार्ड में एक ऐसी गली भी है, जो साल में सिर्फ एक महीने के लिए खास पहचान बना लेती है। Thanhnien की एक रिपॉर्ट के अनुसारयह है मुस्लिम गली का रमजान खाद्य बाजार, जो न केवल स्वाद के लिए मशहूर है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विशेषताओं के कारण भी अनोखा है। 

वियतनाम की कुल आबादी में मुस्लिम समुदाय बहुत छोटा हिस्सा है। अनुमान के अनुसार, देश की आबादी का लगभग 0.1 से 0.2 प्रतिशत ही मुस्लिम है। हो ची मिन्ह सिटी में भी मुस्लिम आबादी सीमित है, लेकिन चान्ह हंग वार्ड में एक संगठित और सक्रिय मुस्लिम समुदाय रहता है। यही समुदाय रमजान के दौरान इस विशेष बाजार का आयोजन करता है, जो उनकी पहचान और परंपरा का प्रतीक बन चुका है।
 
इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह साल में केवल एक बार और सिर्फ रमजान के महीने में ही लगता है। आम तौर पर यह लगभग 29 से 30 दिनों तक खुला रहता है, यानी पूरे रोज़े के महीने तक। इस साल यह 18 फरवरी से 19 मार्च तक आयोजित किया गया। दोपहर से लेकर शाम तक यह गली खाने-पीने के स्टॉल से सज जाती है और इफ्तार से पहले यहां रौनक अपने चरम पर होती है।
 
 
इस बाजार में मिलने वाला सारा भोजन हलाल होता है। इस्लामी नियमों के अनुसार तैयार किए गए व्यंजन यहां की पहचान हैं। सूअर का मांस पूरी तरह से वर्जित है और अधिकतर पकवान बीफ, चिकन, बकरी या समुद्री भोजन से बनाए जाते हैं। बीफ करी यहां का पारंपरिक और सबसे ज्यादा बिकने वाला व्यंजन है। इसे नारियल के दूध, प्याज, लहसुन और खास मसालों के साथ पकाया जाता है। स्थानीय परिवार इसे सुबह से तैयार करते हैं ताकि इफ्तार के समय ताजा और स्वादिष्ट खाना मिल सके।
 
 
दक्षिण वियतनाम के पारंपरिक केक भी इस बाजार की खास पहचान हैं। बेक्ड कसावा केक, कद्दू केक और चिपचिपे चावल से बने केक यहां खूब बिकते हैं। इनकी कीमत आम लोगों की पहुंच में होती है, जिससे हर वर्ग के लोग इन्हें खरीद सकते हैं। इसके अलावा “स्पे ब्रेड” नामक खास व्यंजन भी मिलता है, जो पतली आटे की परत में सब्जियां और सूखे झींगे भरकर तला जाता है।
 
 
रमजान के दौरान इस गली की रौनक देखने लायक होती है। दोपहर 12 बजे के बाद से ही लोग इकट्ठा होने लगते हैं। स्थानीय निवासी, आसपास के इलाकों के लोग और पर्यटक सभी इस बाजार का हिस्सा बनते हैं। सोशल मीडिया की वजह से इसकी लोकप्रियता और बढ़ी है, जिससे हर साल यहां आने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कई बार तो स्टॉल खुलने के दो-तीन घंटे के भीतर ही सारा सामान बिक जाता है।
 
 
लेकिन इस बाजार की असली रौनक सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है। रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय सुबह से शाम तक रोज़ा रखता है। यह संयम, आत्मअनुशासन और आध्यात्मिक शुद्धि का समय होता है। इफ्तार के समय जब लोग एक साथ बैठकर रोज़ा खोलते हैं, तो भाईचारे और समानता की भावना साफ झलकती है। अमीर-गरीब, स्थानीय-पर्यटक सब एक ही कतार में खड़े होकर भोजन खरीदते हैं और साझा करते हैं।
 
 
रमजान यहां केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल का भी अवसर बन जाता है। मस्जिदों में नमाज़ और कुरान की तिलावत होती है, जबकि बाजार में स्वाद और खुशबू का संगम दिखाई देता है। यह पूरा माहौल बताता है कि छोटा समुदाय होने के बावजूद मुस्लिम समाज अपनी परंपराओं को कितनी जीवंतता से निभा रहा है।
 
 
इस तरह, हो ची मिन्ह सिटी की मुस्लिम गली का यह एक महीने का बाजार केवल व्यापारिक गतिविधि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। सीमित मुस्लिम आबादी के बावजूद, यह आयोजन शहर की विविधता और सह-अस्तित्व की खूबसूरत मिसाल पेश करता है। रमजान की रौनक, हलाल व्यंजनों की खुशबू और लोगों का अपनापन यही इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत है।
 
चाम (Cham) मुस्लिम समुदाय कौन होते हैं?

वियतनाम के चाम (Cham) मुस्लिम समुदाय दरअसल प्राचीन चंपा साम्राज्य के वंशज माने जाते हैं। चंपा एक हिंदू-बौद्ध प्रभाव वाला राज्य था, जो दूसरी सदी से लेकर 19वीं सदी तक मध्य और दक्षिण वियतनाम के तटीय इलाकों में फैला हुआ था। बाद में राजनीतिक बदलावों और बाहरी संपर्कों के कारण चाम लोगों के एक बड़े हिस्से ने इस्लाम स्वीकार कर लिया। आज यही लोग वियतनाम के प्रमुख मुस्लिम समुदाय के रूप में जाने जाते हैं।
 
चाम मुसलमान मुख्य रूप से दक्षिण और मध्य वियतनाम में रहते हैं, खासकर Ho Chi Minh City और उसके आसपास के इलाकों में। वियतनाम की कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या बहुत कम है, और उनमें भी अधिकतर चाम समुदाय से जुड़े हैं। कुछ चाम अब भी हिंदू परंपराओं को मानते हैं, लेकिन बड़ी संख्या सुन्नी मुस्लिम है।
 

इतिहास के अनुसार, चाम लोगों का संपर्क अरब व्यापारियों से हुआ, जो समुद्री रास्तों से दक्षिण-पूर्व एशिया पहुंचते थे। इसी संपर्क के माध्यम से इस्लाम चाम समाज में धीरे-धीरे फैला। आज भी चाम मुस्लिम समुदाय अपनी अलग भाषा, पारंपरिक पोशाक और सांस्कृतिक पहचान को संभाले हुए है।
 

उनकी मस्जिदें और धार्मिक परंपराएं वियतनाम की बहुसांस्कृतिक छवि को दर्शाती हैं। रमजान के महीने में वे रोज़ा रखते हैं, सामूहिक इफ्तार का आयोजन करते हैं और विशेष बाजार भी लगाते हैं, जो उनकी धार्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक होता है।
 

संक्षेप में, वियतनाम के चाम मुस्लिम समुदाय प्राचीन चंपा सभ्यता के उत्तराधिकारी हैं, जिन्होंने समय के साथ इस्लाम को अपनाया और आज भी अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखा है।