गुलाम कादिर
इस साल रमजान 2026 में अगर आप हज या उमराह के लिए मक्का-मदीना जाने का इरादा रखते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी राहत की खबर है। सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने इस बार जायरीन की रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए व्यापक स्तर पर नए इंतजाम किए हैं। अक्सर देखा गया है कि जो लोग बुजुर्ग हैं, शारीरिक रूप से कमजोर हैं या किसी गंभीर चोट की वजह से चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उन्हें काबा के तवाफ और सफा-मरवा की दौड़ यानी 'सई' करने में काफी मुश्किलें आती थीं। भीड़ के दबाव में ऐसे लोगों के लिए पैदल चलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए, मस्जिद-अल-हराम (हरम शरीफ) के प्रबंधन ने गोल्फ कार्ट, इलेक्ट्रिक स्कूटर और मैनुअल व्हीलचेयर की विशेष व्यवस्था शुरू की है।

हरम शरीफ में भीड़ का आलम यह है कि सामान्य दिनों के मुकाबले रमजान में यहां तिल रखने की जगह नहीं होती। खासतौर पर रमजान के आखिरी दस दिनों और शब-ए-कद्र जैसी रातों में जायरीन की तादाद लाखों में पहुंच जाती है। ऐसे में उमराह के अरकान (नियम) पूरे करना वृद्ध लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। हज-उमराह मंत्रालय ने इस चुनौती को स्वीकार किया है। मंत्रालय के मुताबिक अब कमजोर जायरीन को घबराने की जरूरत नहीं है। बस उन्हें कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और वे इन आधुनिक वाहनों का लाभ उठा सकेंगे।
मस्जिद-अल-हराम के प्रबंधन ने हरम शरीफ के भीतर प्रमुख स्थानों पर मैनुअल और इलेक्ट्रिक कार्ट की उपलब्धता की घोषणा की है। यह सेवा विशेष रूप से बुजुर्गों और विशेष जरूरतों वाले लोगों के लिए है। हरम शरीफ की छठी मंजिल पर इन गोल्फ कार्ट का संचालन किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये कार्ट मुख्य भीड़ से अलग ऊपरी तल पर चलती हैं। इससे न तो पैदल चलने वालों को कोई परेशानी होती है और न ही कार्ट में बैठे लोगों को भीड़ का सामना करना पड़ता है। एक गोल्फ कार्ट में एक साथ 10 यात्री बैठ सकते हैं। यह उन परिवारों के लिए बहुत अच्छा है जो अपने बुजुर्गों के साथ समूह में उमराह करना चाहते हैं।
हरम शरीफ में प्रबंधन ने हर वर्ग का ख्याल रखा है। अगर कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर है या मुफ्त सेवा चाहता है, तो उसके लिए मैनुअल व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। इसके लिए दो मुख्य स्थान तय किए गए हैं। पहला स्थान 'पूर्वी आंगन' यानी गेट 19 के पास है।
दूसरा स्थान 'पश्चیمی आंगन' में अल-शुबैका ब्रिज यानी गेट 64 पर है। यहां से जरूरतमंद लोग मुफ्त में मैनुअल व्हीलचेयर ले सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग बेहतर और आधुनिक सुविधा चाहते हैं, उनके लिए सशुल्क व्यवस्था भी है। सशुल्क मैनुअल व्हीलचेयर अल-मसा के पास गेट संख्या 14 और 16 पर उपलब्ध हैं। वहीं, बड़ी इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट के लिए जायरीन को गेट नंबर 4 या अल-शुबैکا ब्रिज के पास जाना होगा।

इन सेवाओं के लिए बहुत ही वाजिब दाम तय किए गए हैं ताकि जायरीन पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। पूरे उमराह के लिए कार्ट का किराया लगभग 300 सऊदी रियाल है। अगर कोई सिर्फ तवाफ या सिर्फ सई के लिए कार्ट लेना चाहता है, तो उसे प्रति व्यक्ति 50 रियाल खर्च करने होंगे। यहां यह बात गौर करने वाली है कि अगर आपके पास अपने देश या सऊदी अरब का प्रमाणित दिव्यांगता प्रमाणपत्र है, तो यह सेवा आपके लिए बिल्कुल मुफ्त है। 6 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी कोई टिकट नहीं लगेगा। वहीं, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को किराए में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है।
बुकिंग की प्रक्रिया को भी बहुत सरल बनाया गया है। जायरीन एकीकृत परिवहन मंच के जरिए एडवांस बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, हरम शरीफ के आंगनों में बने काउंटरों पर जाकर भी सीधे टिकट खरीदा जा सकता है। पेमेंट के लिए कैश और कार्ड दोनों की सुविधा उपलब्ध है। सरकारी इंतजामों के साथ-साथ निजी संस्थाएं भी मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही हैं। ये कंपनियां जायरीन की सुविधा के लिए व्हाट्सऐप पर भी बुकिंग की सुविधा दे रही हैं। इनके जरिए आप अपनी सुविधा के अनुसार होटल या मस्जिद के गेट पर ही कार्ट मंगवा सकते हैं। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। जो लोग पहली बार इलेक्ट्रिक कार्ट चला रहे हैं, उन्हें स्टाफ द्वारा चलाने का तरीका भी समझाया जाता है ताकि वे सुरक्षित तरीके से अपनी इबादत पूरी कर सकें।
गोल्फ कार्ट सेवा रोजाना शाम 4:00 बजे से लेकर सुबह 4:00 बजे तक अपने चरम पर होती है। यह वह समय है जब मक्का में मौसम थोड़ा ठंडा होता है और उमराह करने वालों की तादाद सबसे ज्यादा होती है। विशेष रूप से तरावीह और कयाम-अल-लैल की नमाज के दौरान ये कार्ट जायरीन की बहुत ऊर्जा बचाती हैं।
भीड़भाड़ वाली रातों में लंबी लाइनों से बचने के लिए मंत्रालय हमेशा पहले से बुकिंग करने की सलाह देता है। गोल्फ कार्ट तक पहुंचने के लिए मंत्रालय ने तीन प्रमुख गेट निर्धारित किए हैं। पहला है गेट नंबर 1 यानी किंग अब्दुल अजीज गेट। यह क्लॉक टावर और पास के होटलों से आने वालों के लिए सबसे अच्छा है। यहां से लिफ्ट के जरिए सीधे छठी मंजिल पर पहुंचा जा सकता है। दूसरा गेट नंबर 5 यानी अजयाद गेट है। यह सफा और मरवा के पास है। तीसरा गेट नंबर 63 यानी उमराह गेट है। यह जबल उमर की तरफ से आने वालों के लिए सुविधाजनक है। इन सभी गेटों पर स्वचालित सीढ़ियों का इंतजाम है।

हरम शरीफ की यह आधुनिक व्यवस्था साबित करती है कि इबादत के साथ-साथ इंसान की सहूलियत का ख्याल रखना भी कितना जरूरी है। हज-उमराह मंत्रालय का यह कदम उन हजारों बुजुर्गों के लिए एक वरदान की तरह है जो सालों से मक्का जाने का सपना तो देखते थे, लेकिन शारीरिक कमजोरी की वजह से हिचकिचाते थे। अब आप पूरी तسल्ली के साथ अपनी आध्यात्मिक यात्रा की योजना बना सकते हैं। इबादत के इस सफर में किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपने साथ पासपोर्ट और जरूरी मेडिकल कागजात हमेशा रखें। मक्का के कड़े नियमों का पालन करें और स्टाफ का सहयोग करें। यह इंतजाम आपके लिए ही किए गए हैं ताकि आप बिना थके और बिना किसी परेशानी के अपने प्रभु के घर की हाजिरी दे सकें।
यह सुविधा न केवल बुजुर्गों बल्कि गर्भवती महिलाओं और उन लोगों के लिए भी उपलब्ध है जो किसी दुर्घटना की वजह से चल नहीं सकते। उमराह एक शारीरिक श्रम वाली इबादत है, जिसमें काबा के सात चक्कर और फिर सफा-मरवा के सात चक्कर लगाने होते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी यह थका देने वाला हो सकता है। ऐसे में गोल्फ कार्ट का विकल्प जायरीन को मानसिक शांति प्रदान करता है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्हीलचेयर और कार्ट चलाने के लिए अधिकृत लोग ही नियुक्त किए गए हैं ताकि जायरीन के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी न हो। सुरक्षा और स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। हर इस्तेमाल के बाद वाहनों को साफ किया जाता है।

रमजान के महीने में सवाब कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए लोग इस समय उमराह करना पसंद करते हैं। भीड़ अधिक होने के कारण सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। वे सुनिश्चित करते हैं कि कार्ट और पैदल चलने वाले जायरीन के बीच कोई टकराव न हो। अगर आप भी 2026 में उमराह की योजना बना रहे हैं, तो इन सुविधाओं की जानकारी आपके सफर को यादगार और आसान बना देगी। मक्का की यह यात्रा हर मुसलमान का सपना होती है और सऊदी सरकार के ये प्रयास उस सपने को हर किसी के लिए सुलभ बना रहे हैं।