नई दिल्ली
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खान-पान के कारण सीने में जलन (हार्टबर्न) और एसिडिटी की समस्या बेहद आम हो गई है। ज्यादा तला-भुना, मसालेदार भोजन, फास्ट फूड, चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन और देर रात खाना खाने से पेट में एसिड का स्तर बढ़ जाता है। यही एसिड रिफ्लक्स सीने में जलन और खट्टी डकारों की वजह बनता है।
अच्छी बात यह है कि किचन में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें इस समस्या से राहत दिला सकती हैं। आइए जानते हैं तीन प्रभावी घरेलू उपाय:
1. अदरक: प्राकृतिक एंटी-एसिड
अदरक को सदियों से पाचन संबंधी समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें मौजूद जिंजरोल नामक सक्रिय तत्व सूजनरोधी गुणों से भरपूर होता है।
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यह पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को नियंत्रित करता है।
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गैस और सूजन को कम करता है।
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पाचन तंत्र को शांत करता है।
आप अदरक की चाय बनाकर पी सकते हैं या भोजन के बाद छोटा सा टुकड़ा चबा सकते हैं। इससे एसिडिटी और सीने की जलन में काफी राहत मिलती है।
2. तुलसी के पत्ते: पेट के लिए वरदान
तुलसी के पत्तों में यूजेनॉल और कार्मिनेटिव जैसे औषधीय यौगिक पाए जाते हैं।
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ये पेट की सूजन कम करते हैं।
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एसिड के स्तर को संतुलित करते हैं।
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अतिरिक्त गैस बनने से रोकते हैं।
सुबह खाली पेट 4-5 तुलसी के पत्ते चबाना या तुलसी की चाय पीना एसिड रिफ्लक्स को कम करने में सहायक हो सकता है। नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है।
3. एलोवेरा जूस: ठंडक और राहत
एलोवेरा पाचन तंत्र को आराम देने के लिए जाना जाता है।
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यह पेट और ग्रासनली की जलन को कम करता है।
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एसिड उत्पादन को संतुलित करता है।
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पेट की अंदरूनी परत को ठीक करने में मदद करता है।
भोजन से पहले लगभग एक-चौथाई कप एलोवेरा जूस पीना लाभकारी माना जाता है। हालांकि, शुद्ध और बिना मिलावट वाला जूस ही उपयोग करें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि सीने की जलन बार-बार हो, निगलने में परेशानी हो या लगातार दर्द बना रहे, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
सही खान-पान, समय पर भोजन और घरेलू उपायों से एसिडिटी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।





