Why is there so much fear in filing FIR against those doing 'purification': Congress
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में प्राथमिकी दर्ज किए जाने को लेकर सोमवार को भाजपा एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि आखिर ‘शुद्धीकरण’ करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से इतना डर क्यों है और क्या दलित गरिमा एवं न्याय सुनिश्चित करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है ?
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को मुद्दा बनाने के बजाय ‘शुद्धीकरण’ के मामले को असली मुद्दा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ पहले ही देश भर में 40-50 मामले दर्ज कराए जा चुके हैं और एक और प्राथमिकी दर्ज होने से कोई आसमान नहीं टूट पड़ा।
खेड़ा ने कहा, "असली मुद्दा राहुल जी के ख़िलाफ़ प्राथमिकी नहीं है। असली मुद्दा ‘शुद्धीकरण’ का है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने ‘शुद्धीकरण’ के खिलाफ आवाज उठाई, उसके खिलाफ तो तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर दी गई, लेकिन जिन लोगों ने ‘शुद्धीकरण’ किया और करवाया, उनके खिलाफ अब तक एक प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में खड़े होकर कहा था कि ‘शुद्धीकरण’ हुआ है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करे और बाकी क्या हुआ, किसने किया तथा क्यों किया, यह जांच में सामने आ जाएगा।
खेड़ा ने सवाल किया, "फिर प्राथमिकी दर्ज करने से इतना डर क्यों? आखिर भाजपा और उत्तराखंड सरकार शुद्धीकरण के ख़िलाफ़ प्राथमिकी से कतरा क्यों रही है? क्या उनकी दलित गरिमा और न्याय सुनिश्चित करने की कोई मंशा ही नहीं है?"
इससे पहले कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड में प्राथमिकी दर्ज होने से राहुल गांधी और उनकी पार्टी डरने वाले नहीं हैं तथा ‘शुद्धीकरण’ की जातिवादी मानसिकता के खिलाफ और दलित सम्मान एवं संविधान की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा।