‘केजरीवाल और सिसोदिया चुप क्यों हैं’: ताहिर हुसैन की दोषसिद्धि पर भाजपा ने पूछा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-07-2026
'Why are Kejriwal and Sisodia silent': BJP asks on Tahir Hussain's conviction
'Why are Kejriwal and Sisodia silent': BJP asks on Tahir Hussain's conviction

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की दोषसिद्धि को लेकर मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर निशाना साधा।
 
मिश्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘(ताहिर हुसैन को) दोषी ठहराए जाने के बाद अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह चुप क्यों हैं? वे सामने आकर इस मामले पर कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं?’’
 
आम आदमी पार्टी ने सोमवार को एक बयान जारी कर स्पष्ट किया था कि ताहिर हुसैन का अब पार्टी से कोई संबंध नहीं है क्योंकि 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।
 
मिश्रा ने सवाल उठाया कि उस समय की दिल्ली सरकार और उसके नेताओं ने दंगे के दौरान अंकित शर्मा की हत्या के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई और पीड़ितों से मिलने क्यों नहीं गए ?
 
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ‘आप’ के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को सोमवार को दोषी ठहराया है।
 
दोषसिद्धि का उल्लेख करते हुए मिश्रा ने कहा कि अदालत के फैसले से हत्या में हुसैन की भूमिका साबित हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले से उन लोगों पर भी सवाल उठते हैं, जिन्होंने पहले उनका समर्थन किया था या उनका बचाव किया था।
 
उन्होंने दंगों के समय ‘आप’ नेताओं के बयानों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उन्होंने पीड़ितों के प्रति कोई चिंता नहीं दिखाई।
 
उन्होंने कहा, ‘‘दंगों के समय ‘आप’ नेता दूसरे समुदाय के इलाकों में राहत शिविर बनाने में जुटे थे और अब वे खुद को सनातन परंपराओं का अनुयायी बता रहे हैं।’’
 
मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि 2020 के दंगों के पीछे एक बड़ी साज़िश थी। उन्होंने कहा कि भले ही अदालत ने शर्मा हत्याकांड में अपना फैसला सुना दिया है लेकिन मामले के अन्य पहलुओं पर कानूनी कार्यवाही के जरिए फैसला किया जाएगा।
 
आईबी में तैनात शर्मा 25 फरवरी 2020 को कार्यालय से घर लौटे थे और फिर दोबारा बाहर निकले थे। जब वे वापस नहीं लौटे तो उनके परिवार ने उन्हें खोजना शुरू किया और बाद में पता चला कि उनकी हत्या कर दी गई है।
 
उनका शव चांद बाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले से बरामद किया गया था।