आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पश्चिम एशिया में भारत के भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक हितों की रक्षा के लिए तत्काल उचित कदम उठाना चाहिए तथा 20 जुलाई से आरंभ हो रहे मानसून सत्र में संसद को इस संबंध में पूरी जानकारी देनी चाहिए।
पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ने एक बयान में पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ी शत्रुता और समुद्री व्यापारिक जहाजों पर जारी हमलों पर गहरी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि जहाजों की निर्बाध आवाजाही और व्यापार को युद्धरत पक्षों द्वारा हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।
पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सख्ती से पालन करने और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के अनुरूप आचरण करने की अपील की और कहा कि कांग्रेस हमेशा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की पक्षधर रही है और सभी संबंधित पक्षों को विश्वसनीय हितधारकों की भागीदारी के साथ संरचित संवाद के माध्यम से मतभेद दूर करने चाहिए।
उन्होंने ईरान के चाबहार बंदरगाह पर हुए हमलों पर भी गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह बंदरगाह लगातार विभिन्न भारतीय सरकारों की रणनीतिक प्राथमिकताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और मध्य एशिया तक भारत की पहुंच का प्रमुख द्वार है।
खुर्शीद ने आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया में भारत के हितों की मजबूती से रक्षा करने के मामले में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार की चुप्पी और सुस्ती अस्वीकार्य है।
उन्होंने दावा किया कि इस निष्क्रियता से भारत की रणनीतिक स्वायत्तता सीमित हो रही है और पाकिस्तान सहित अन्य क्षेत्रीय शक्तियों को अपना प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक हितों की रक्षा के लिए तत्काल उचित कदम उठाएंगे तथा आगामी मानसून सत्र में इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी संसद को देंगे।’’