आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए अपने कथित धमकी भरे भाषण की जांच के सिलसिले में आवाज का नमूना देने के लिए बुधवार को विधाननगर अदालत पहुंचे।
जांच एजेंसी की अर्जी पर विधाननगर के उप-संभागीय न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) अदालत द्वारा निर्धारित पहले के दो अवसरों पर बनर्जी आवाज का नमूना देने के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बनर्जी को 10 जुलाई को आदेश दिया था कि वह 15 जुलाई को दोपहर 12 बजे आवाज का नमूना देने के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित हों।
बनर्जी की पेशी के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यहां साल्ट लेक स्थित अदालत परिसर और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
बनर्जी के वकील की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने निर्देश दिया था कि डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी के अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में या जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के दौरान उन पर अंडे न फेंके जाएं और उन्हें किसी अन्य प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
बनर्जी को 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में पार्टी के एक दिवंगत समर्थक के घर जाने के दौरान लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित धमकी भरे भाषण की जांच में "सहयोग नहीं करने" पर 10 जुलाई को बनर्जी पर नाराजगी जताई थी।
न्यायाधीश सौगत भट्टाचार्य ने बनर्जी की उस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को "वापस लिए जाने के आधार पर" खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जांच के सिलसिले में अपनी आवाज का नमूना देने के विधाननगर अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।