एसईजेड इकाइयों को घरेलू बाजार में बिक्री की मंजूरी से एमएसएमई के लिए जोखिमः रिपोर्ट

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 15-07-2026
Allowing SEZ units to sell in domestic market poses risk to MSMEs: Report
Allowing SEZ units to sell in domestic market poses risk to MSMEs: Report

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) से घरेलू बाजार में बिक्री को लेकर दी गई अस्थायी छूट से सस्ते उत्पादों की आमद बढ़ सकती है जिससे स्थानीय उद्योगों, खासकर एमएसएमई के लिए नीतिगत जोखिम पैदा हो सकते हैं। एक रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई है।
 
‘थिंक चेंज फोरम’ की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, एसईजेड में स्थित इकाइयों को पहले से ही शुल्क-मुक्त कच्चा माल, सरल अनुपालन और अन्य कर संबंधी लाभ मिलते हैं।
 
रिपोर्ट कहती है, ‘‘ऐसे में यदि इन इकाइयों को स्वचालित या व्यापक आधार पर रियायती शर्तों पर घरेलू बाजार में बिक्री की भी अनुमति दी जाती है, तो वे अपने कम लागत वाले उत्पाद उन क्षेत्रों में उतार सकती हैं जहां भारतीय विनिर्माता, विशेषकर एमएसएमई, उच्च आयात शुल्क, जीएसटी से जुड़े कार्यशील पूंजी दबाव, महंगे कर्ज और जटिल अनुपालन बोझ का सामना करते हैं।’’
 
एक अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक लागू अस्थायी ढांचे के तहत पात्र एसईजेड इकाइयों को पिछले तीन वित्त वर्षों में अपने उच्चतम ‘फ्री ऑन बोर्ड’ (एफओबी) निर्यात मूल्य के 30 प्रतिशत तक की घरेलू बाजार में बिक्री की अनुमति दी गई है। हालांकि, इसके लिए उनका न्यूनतम मूल्यवर्धन सहित अन्य शर्तों का पालन करना जरूरी है।
 
रिपोर्ट में प्रवर्तन से जुड़े जोखिमों की तरफ भी इशारा किया गया है कि सीमा शुल्क निगरानी और ऑडिट प्रणाली पहले से दबाव में हैं।