आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। इस बड़े मुकाबले से पहले जहां पूरी दुनिया फ्रांस की जीत का दावा कर रही थी, वहीं शॉक द हॉक (Shawk the Hawk) नाम के बाज ने स्पेन की जीत की भविष्यवाणी की थी। अब यह भविष्यवाणी बिल्कुल सच साबित हुई है। स्पेन ने मैदान पर कमाल का खेल दिखाया और फ्रांस को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
स्पेन की इस जीत के साथ ही शॉक द हॉक एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस वर्ल्ड कप के दौरान ग्रुप स्टेज में उसकी भविष्यवाणियों का सक्सेस रेट 90 फीसदी के करीब रहा था। इसके बाद नॉकआउट राउंड में भी उसका रिकॉर्ड शत-प्रतिशत सही रहा है। शॉक द हॉक ने राउंड ऑफ 32 के मुकाबलों में हर दिन एक मैच की सटीक भविष्यवाणी की। राउंड ऑफ 16 में आराम करने के बाद उसने क्वार्टर फाइनल के तीनों मैचों के सही नतीजे बताए। अब सेमीफाइनल में स्पेन पर दांव लगाकर उसने अपने इस सिलसिले को बरकरार रखा है।
मैदान पर दिखा स्पेन का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही लुइस दे ला फुएंते की टीम स्पेन ने खेल पर अपना नियंत्रण बना लिया। स्पेनिश खिलाड़ियों ने गेंद को अपने पास रखने (पजेशन) में महारत दिखाई और मैच की रफ्तार को अपने हिसाब से तय किया। फ्रांस की स्टार खिलाड़ियों से सजी टीम को पूरे मैच में खुलकर खेलने की आजादी नहीं मिली। स्पेन का डिफेंस इतना मजबूत था कि फ्रांस के फॉरवर्ड खिलाड़ी पेनाल्टी बॉक्स के आसपास भी संघर्ष करते दिखे।
स्पेन ने बिना गेंद के भी उतना ही शानदार प्रदर्शन किया जितना गेंद के साथ। जैसे ही स्पेन के खिलाड़ी गेंद गंवाते, वे तुरंत ग्रुप बनाकर विरोधी टीम पर दबाव (प्रेसिंग) बनाना शुरू कर देते थे। इस रणनीति की वजह से किलियन एम्बापे और उनके साथी खिलाड़ियों को संभलने का बिल्कुल समय नहीं मिला।
🚨 Lamine Yamal on Spain facing France in the FIFA World Cup semi-finals:
— TeeJee🇵🇹 (@TeeJeeUtd) July 11, 2026
🗣️ Reporter: “Lamine, Spain already knocked France out in the Euros semi-final last year. Now you’re facing them again in the World Cup semi-final. France will be coming for revenge — does that change… pic.twitter.com/gvYbS57OOT
इन खिलाड़ियों ने पलटा मैच का पासा
स्पेन की इस शानदार जीत में मिडफील्डर रोड्रि ने सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मैदान के बीच से पूरे खेल को नियंत्रित किया। उनकी सूझबूझ और सटीक पासिंग की बदौलत टीम का संतुलन बना रहा। डिफेंस में मार्क कुकुरेला ने बेहतरीन खेल दिखाया और फ्रांस के विंगर्स को बांध कर रखा।
इसके साथ ही 19 साल के युवा सनसनी लामिन यमाल ने मैदान पर गजब की ऊर्जा दिखाई। उन्होंने मैच के पहले मिनट से लेकर आखिरी सीटी बजने तक लगातार दौड़ लगाई और फ्रांस के डिफेंस को परेशान किया। यमाल ने न सिर्फ अटैक की जिम्मेदारी संभाली बल्कि जरूरत पड़ने पर पीछे आकर डिफेंस में भी मदद की।
ऐसे हुए गोल और स्पेन की जीत तय
मैच का पहला गोल मिकेल ओयारजाबाल ने पेनाल्टी के जरिए किया। खेल के शुरुआती हिस्से में लामिन यमाल गेंद लेकर फ्रांस के बॉक्स में घुसे थे, जहां विपक्षी डिफेंडर ने उन्हें गलत तरीके से गिरा दिया। रेफरी ने बिना देर किए स्पेन को पेनाल्टी दे दी। ओयारजाबाल ने इस मौके को गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
इसके बाद दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने एक शानदार मैदानी गोल दागकर स्पेन की जीत पर मुहर लगा दी। पोरो के इस गोल ने फ्रांस की बची-खुची उम्मीदों को भी खत्म कर दिया। पूरे 90 मिनट के खेल में स्पेन की टीम हर मामले में फ्रांस से बेहतर नजर आई और हकदार बनकर फाइनल में पहुंची।
यहाँ स्पेन बनाम फ्रांस फीफा वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल मुकाबले के मुख्य आंकड़े (Stats) और खिलाड़ियों की प्रदर्शन रेटिंग दी गई है।
मैच के मुख्य आंकड़े (Team Stats)🇪🇸 LA ROJA DOES IT AGAIN! Spain stun France 2-0 🔥
Oyarzabal (pen) + Porro masterclass. Mbappé & Co. sent packing.
Spain into the World Cup Final! 🏆
Who wins the other semi? #FRAESP #FIFAWorldCup2026 #Spain #LaRoja #FRAESP, #FIFAWorldCup2026 pic.twitter.com/wfyMCouAha— Dr. Satyen Patel (@patelsatyen24) July 15, 2026
इस मुकाबले में स्पेन की टीम ने गेंद पर नियंत्रण रखने और विपक्षी टीम को दबाने की रणनीति (काउंटर-प्रेसिंग) का बेहतरीन नमूना पेश किया।
मैदान पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनके प्रभाव के आधार पर 10 में से रेटिंग नीचे दी गई है:
रोड्रि (9.5/10) - मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: उन्होंने मिडफील्ड को पूरी तरह अपने काबू में रखा। फ्रांस के हर काउंटर-अटैक को समय पर रोका और स्पेन के खेल की दिशा तय की।
लामिन यमाल (9.0/10): विपक्षी टीम के बॉक्स में लगातार खतरा बने रहे। अपनी ड्रिबलिंग से फ्रांस के डिफेंडरों को छकाया और टीम के लिए पेनाल्टी जीती।
पेड्रो पोरो (8.5/10): डिफेंस में मजबूत रहने के साथ-साथ दूसरे हाफ में एक बेहतरीन गोल दागा जिसने स्पेन की जीत पक्की कर दी।
मार्क कुकुरेला (8.0/10): फ्रांस के राइट विंग को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। उनके सटीक टैकल्स ने किलियन एम्बापे को खुलकर खेलने नहीं दिया।
मिकेल ओयारजाबाल (8.0/10): पेनाल्टी को बेहद ठंडे दिमाग से गोल में बदला और टीम को शुरुआती मानसिक बढ़त दिलाई।
किलियन एम्बापे (6.0/10): स्पेन की सख्त मार्किंग की वजह से वह पूरे मैच में संघर्ष करते दिखे। उन्हें गेंद के साथ स्पेस बनाने का मौका नहीं मिला।
माइक मैनन (5.5/10) - गोलकीपर: पेनाल्टी को रोकने में नाकाम रहे और पेड्रो पोरो के शॉट के समय भी उनकी पोजीशनिंग थोड़ी कमजोर रही।
अतौलिउ उपामेकानो (5.0/10): लामिन यमाल की रफ्तार के सामने उनका तालमेल बिगड़ा और बॉक्स के अंदर फाउल करके पेनाल्टी दे बैठे।
एंगोलो कांटे (6.5/10): फ्रांस के मिडफील्ड में उन्होंने अकेले काफी दौड़-भाग की और कुछ अच्छे इंटरसेप्शन किए, लेकिन उन्हें बाकी साथियों का साथ नहीं मिला।