ममता की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात कर्मियों को हटाया गया: तृणमूल का आरोप

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-06-2026
Trinamool alleges that long-term personnel deployed in Mamata's security have been removed.
Trinamool alleges that long-term personnel deployed in Mamata's security have been removed.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटाए जाने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया और इस कदम को ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध की भावना का नया निचला स्तर’’ करार दिया।

बनर्जी को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।
 
राज्य की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था से किसी कर्मी को हटाए जाने या उसकी जगह किसी अन्य को तैनात किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
 
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ममता बनर्जी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात कर्मियों को हटाना कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उन्हें अलग-थलग करने और खतरे में डालने की सोची-समझी कोशिश है।’’
 
पार्टी ने कहा कि इनमें से कुछ सुरक्षाकर्मी बनर्जी के रेल मंत्री रहने के समय से उनकी सुरक्षा में तैनात थे।
 
तृणमूल ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध की भावना का चौंकाने वाला और निचला स्तर। शुभेंदु अधिकारी, आखिर आप क्या साजिश रच रहे हैं? बदले की राजनीति को लेकर आपकी सनक और असुरक्षा की भावना से प्रेरित होकर आपके द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करना आपके वास्तविक चरित्र को उजागर करता है। अगर ओछी राजनीति का कोई चेहरा होता तो वह निस्संदेह आपके जैसा होता।’’
 
नेताओं के लगातार पार्टी छोड़ने के बीच बनर्जी के साथ बने हुए सांसदों में शामिल तृणमूल नेता एवं राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ‘ब्रायन ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी की सुरक्षा में 20 वर्ष से तैनात निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को उनके कोलकाता स्थित आवास से हटा दिया गया।’’
 
उन्होंने यह भी दावा किया कि बुधवार रात बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था।
 
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल की एक अन्य राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा राजनीति का विषय नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की संस्थागत जिम्मेदारी है।’’