The Supreme Court will hear the Lakhimpur Kheri violence case on October 26.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले से जुड़ी एक याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई कर सकता है जिसमें अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को मुकदमे की कार्यवाही के लिए एक नया सरकारी वकील नियुक्त करने का निर्देश दिया था।
शीर्ष अदालत ने पांच अक्टूबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से न्यायिक अधिकारी के खिलाफ लगे आरोपों पर शीघ्र कार्रवाई करने को भी कहा था। आरोप है कि न्यायिक अधिकारी ने कई मामलों को अपने पास स्थानांतरित किया और आरोपियों को बरी कर दिया।
तीन अक्टूबर, 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में किसानों के प्रदर्शन के दौरान आठ लोगों की मौत हो गई थी। किसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के क्षेत्र के दौरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
इनमें चार किसानों को एक एसयूवी ने कुचल दिया था। इसके बाद गुस्साए किसानों ने एक चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हुई थी।
इस मामले में मुकदमे की सुनवाई अंतिम चरण में है। निचली अदालत अब तक अभियोजन पक्ष के 130 गवाहों में से 86 के बयान दर्ज कर चुकी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ का पुत्र आशीष मिश्रा इस मामले में मुख्य आरोपी है।