आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में लोकतंत्र मजबूत है और इसके संवाद तथा स्वतंत्र अभिव्यक्ति की व्यवस्था से दुनिया के अन्य देश लाभ उठा सकते हैं।
बिरला ने यह टिप्पणी 26 और 27 अक्टूबर को संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होने वाले 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के बारे में जानकारी देते हुए की।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी कोशिश होगी कि भारत में जिस तरह का लोकतंत्र है, जिस तरह से संवाद और स्वतंत्र अभिव्यक्ति की हमारी व्यवस्था है, उसके अनुभव का लाभ दुनिया ले।’’
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और पिछले 75 वर्षों में देश ने अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया है तथा इसी वजह से दुनिया की भारत से अपेक्षाएं हैं।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भारत के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय है और इसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों और भागीदार देशों के पीठासीन अधिकारी एवं संसदीय नेता, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राज्य विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
बिरला ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे और विभिन्न देशों से आए शिष्टमंडलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे।