The autumn session of the Jammu and Kashmir Assembly is likely to be stormy over various issues.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू कश्मीर विधानसभा के 21 सितंबर से शुरू हो रहे 10 दिवसीय शरदकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं क्योंकि विपक्षी पार्टियां नौकरियों की आउटसोर्सिंग, बढ़ती बेरोजगारी और चुनावी वादे पूरे न कर पाने जैसे मुद्दों को लेकर उमर अब्दुल्ला सरकार को घेरने की योजना बना रही हैं।
जम्मू कश्मीर विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है।
भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। आउटसोर्सिंग में घोटाला हुआ है, भ्रष्टाचार बेरोकटोक जारी है और पंचायत तथा शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में बेवजह देरी की जा रही है।’’
ठाकुर ने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक सरकार को 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए उन वादों की याद दिलाएंगे जो अभी तक पूरे नहीं किये गए हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘लोगों से 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया गया था। चुनाव के बाद विकास कार्य ठप पड़ गए हैं।’’