आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली के नंद नगरी इलाके में पार्क पर अतिक्रमण के आरोपों को लेकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और अन्य से जवाब मांगा है।
एनजीटी उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें दावा किया गया था कि नंद नगरी के ई-2 ब्लॉक में सार्वजनिक पार्क पर अतिक्रमण कर व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानों जैसे अवैध ढांचे बना दिए गए हैं।
हरित निकाय के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफ़रोज़ अहमद की पीठ ने नौ सितंबर के एक आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के वकील के अनुसार, संबंधित क्षेत्र की कॉलोनियों के रखरखाव का काम एक जून 1988 को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से एमसीडी को सौंप दिया गया था और डीडीए के की ‘जोनल’ योजना में इस विशिष्ट इलाके को ‘हरित भूमि’ के तौर पर दिखाया गया था।
पीठ ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई एक दिसंबर के लिए निर्धारित कर दी।