महाराष्ट्र में दो साल में आश्रम स्कूलों के 584 छात्रों की मौत हुई : अधिकारी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-08-2026
584 students of ashram schools died in Maharashtra in two years: officials
584 students of ashram schools died in Maharashtra in two years: officials

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों में औसतन लगभग हर दिन एक छात्र की मृत्यु हुई। एक अधिकारी ने बताया कि इस अवधि के दौरान राज्य द्वारा संचालित और सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय केंद्रों में कुल 584 छात्रों की मौत हुई है।
 
अधिकारियों के अनुसार मौत के कारणों में सर्पदंश और सिकल सेल बीमारी से लेकर गंभीर बीमारियां, दुर्घटनाएं और आत्महत्याएं शामिल थीं।
 
गढ़चिरौली में हाल में सांप के काटने से तीन आदिवासी लड़कियों की मौत के बाद कड़ी आलोचना का सामना कर रही महाराष्ट्र सरकार ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इनमें आवासीय स्कूल का लाइसेंस रद्द करना और राज्य भर में ऐसे सभी केंद्रों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट शामिल है।
 
अधिकारियों के अनुसार, आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 से 2026 के बीच आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले 584 छात्रों की मौत हुई। इसका मतलब है कि 730 दिनों की अवधि में औसतन हर दिन लगभग एक छात्र (रोज़ाना 0.8 मौत) की मौत हुई।
 
आदिवासी विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में सरकार द्वारा चलाए जा रहे 500 और सहायता प्राप्त 513 आश्रम स्कूल हैं।
 
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों में सरकारी आश्रम स्कूलों में 384 और सहायता प्राप्त स्कूलों में 200 छात्रों की मौत दर्ज की गई है।’’
 
अधिकारी ने बताया कि 2024-25 में आश्रम स्कूलों के 170 छात्रों की मौत हुई, जबकि 2025-26 में 214 छात्रों की जान गई। उन्होंने कहा कि इनमें से 36 छात्रों की मौत स्कूल परिसर में और 348 की मौत घर पर हुई।
 
सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 2024-25 में 81 और अगले वित्तीय वर्ष में 119 छात्रों की मौत हुई। इनमें से 30 छात्रों की मौत स्कूल परिसर में और 170 की मौत घर पर हुई।
 
विपक्षी दल कांग्रेस का आरोप है कि गढ़चिरौली के एक आवासीय स्कूल के छात्रावास में छात्राओं की मौत के मामले भारतीय जनता पार्टी नीत ‘महायुति’ सरकार के दौरान प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा थे।