हरियाणा में मदरसा के बच्चों की तिरंगा यात्रा, कुरआन और देशप्रेम साथ-साथ

Story by  यूनुस अल्वी | Published by  [email protected] | Date 14-08-2026
Tiranga Yatra of Madrasa children in Haryana, Quran and patriotism together
Tiranga Yatra of Madrasa children in Haryana, Quran and patriotism together

 

यूनुस अल्वी/ नूंह ( मेवात, हरियाणा

 स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हरियाणा के नूंह में पसमांदा विकास फाउंडेशन की ओर से निकाली गई तिरंगा यात्रा ने देशभक्ति, शिक्षा और सामाजिक एकता का संदेश दिया। यात्रा में मदरसों के बच्चों के साथ बड़ी संख्या में छात्राओं, मुस्लिम महिलाओं, उलेमा, इमामों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने राष्ट्रीय एकता और भाईचारे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

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इस तिरंगा यात्रा की खास बात मदरसों के बच्चों की भागीदारी रही। करीब 200 छात्राओं और 150 छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया। लगभग 100 मुस्लिम महिलाएं और करीब 100 उलेमा व इमाम भी यात्रा का हिस्सा बने। सभी ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थाम रखा था। यात्रा के दौरान देशप्रेम, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के संदेश दिए गए।

पसमांदा विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष और निदेशक मेराज राईन ने कहा कि इस पहल का मकसद केवल तिरंगा यात्रा निकालना नहीं था। इसके पीछे एक व्यापक सामाजिक संदेश है। उनका कहना है कि मदरसे के बच्चों को शिक्षा, तकनीक और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना समय की जरूरत है। इसी सोच के साथ फाउंडेशन लगातार काम कर रहा है।

मेराज राईन ने कहा कि कुरआन इंसान को अपनी जमीन और समाज से प्रेम करने की सीख देता है। इसी विचार से “एक हाथ में कुरआन, एक हाथ में तिरंगा” का संदेश सामने आया। उनके मुताबिक इस संदेश ने समाज में देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना को मजबूती से सामने रखा।

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यासिन मेव कॉलेज से शुरू हुई तिरंगा यात्रा

नूंह में आयोजित तिरंगा यात्रा की शुरुआत यासिन मेव डिग्री कॉलेज से हुई। यहां से यात्रा मेन मार्केट की ओर बढ़ी। इसके बाद प्रतिभागी गांधी पार्क पहुंचे। पूरे रास्ते लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर देश के प्रति सम्मान और एकता का संदेश दिया।

यात्रा में पसमांदा विकास फाउंडेशन की महिला टीम, लीगल टीम, उलेमा और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भागीदारी की। मदरसे के बच्चों की मौजूदगी ने आयोजन को अलग पहचान दी। छात्र और छात्राएं पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए।

आयोजकों के अनुसार, तिरंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य पसमांदा मुस्लिम समाज और मदरसों के विद्यार्थियों को सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके साथ नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना मजबूत करना, सामाजिक भाईचारे को बढ़ावा देना और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना भी इस कार्यक्रम का हिस्सा रहा।

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मदरसों में आधुनिक शिक्षा पर जोर

मेराज राईन ने कहा कि मदरसों को केवल एक नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है। इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चे भी आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर और पायलट बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पसमांदा विकास फाउंडेशन मदरसों में आधुनिक और समकालीन शिक्षा को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक की सुविधाएं मिलने से विद्यार्थियों को बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाने में मदद मिलेगी।

उनके अनुसार बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने सरकार से मदरसों के बच्चों के लिए बेहतर मार्गदर्शन और शिक्षा से जुड़े व्यावहारिक कदम उठाने की अपील की।

मेराज राईन ने कहा कि मुस्लिम समाज के लिए कुरआन धार्मिक और नैतिक मार्गदर्शन का स्रोत है। साथ ही देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से यही संदेश समाज तक पहुंचाने की कोशिश की गई कि धार्मिक शिक्षा और देश के प्रति जिम्मेदारी साथ साथ चल सकती है।

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छात्राओं की भागीदारी ने दिया खास संदेश

तिरंगा यात्रा में मदरसों की छात्राओं की बड़ी संख्या में भागीदारी भी चर्चा का विषय रही। करीब 200 छात्राओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोजकों का कहना है कि यह भागीदारी मुस्लिम समाज की लड़कियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े सवालों पर ध्यान खींचती है।

महिला पसमांदा विकास फाउंडेशन की निदेशक निखत परवीन ने कहा कि पसमांदा समाज की लड़कियों को दीन की शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा भी हासिल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत जागरूकता बढ़ाने की है। शिक्षा और मेहनत के जरिए लड़कियां अपने भविष्य को बेहतर बना सकती हैं और समाज में अपनी भूमिका मजबूत कर सकती हैं।

निखत परवीन के मुताबिक महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का विषय नहीं है। इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए पसमांदा समाज में शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

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एसडीएम नूंह ने पहल की सराहना की

कार्यक्रम में नूंह के एसडीएम कुंवर विक्रम आदित्य मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने तिरंगा यात्रा के आयोजन के लिए पसमांदा विकास फाउंडेशन को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को मुख्यधारा से जोड़ने में भूमिका निभा सकते हैं। देशप्रेम और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करना भी इन आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान की भावना का भी उल्लेख किया।

एसडीएम ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो लोग पीछे रह गए हैं, उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस दिशा में और सुधार देखने को मिलेगा।

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नूंह में शिक्षा और सामाजिक एकता का संदेश

नूंह और मेवात क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे में मदरसों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ने की मांग इस आयोजन का एक प्रमुख संदेश बनकर सामने आई।

पसमांदा विकास फाउंडेशन का कहना है कि बच्चों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें कंप्यूटर, आधुनिक तकनीक और समकालीन ज्ञान से परिचित कराना जरूरी है। इससे विद्यार्थी भविष्य की पढ़ाई और रोजगार की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकते हैं।

तिरंगा यात्रा में शामिल बच्चों और महिलाओं ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ देश के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उलेमा और इमामों की भागीदारी ने भी आयोजन के संदेश को व्यापक बनाया। आयोजकों ने इसे सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की दिशा में एक पहल बताया।

मेराज राईन ने सरकार, बुद्धिजीवियों और उलेमा से अपील की कि शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए काम कर रहे लोगों को उचित मार्गदर्शन दिया जाए। उन्होंने कहा कि मदरसों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने से उनकी संभावनाओं का दायरा और बढ़ सकता है।

नूंह में निकली यह तिरंगा यात्रा इसी संदेश के साथ समाप्त हुई कि शिक्षा, देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी को अलग अलग खानों में नहीं बांटा जा सकता। मदरसों के बच्चों, छात्राओं, महिलाओं और धार्मिक नेताओं की सामूहिक भागीदारी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की तस्वीर पेश की।

AEO के लिए प्रमुख सवाल और जवाब

नूंह में तिरंगा यात्रा किसने निकाली?
नूंह, मेवात में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पसमांदा विकास फाउंडेशन ने तिरंगा यात्रा निकाली।

तिरंगा यात्रा में कितने मदरसा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया?
आयोजकों के अनुसार करीब 200 छात्राओं और 150 छात्रों ने यात्रा में हिस्सा लिया।

नूंह की तिरंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य पसमांदा समाज और मदरसों के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना, देशभक्ति बढ़ाना, सामाजिक एकता मजबूत करना और शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना था।

तिरंगा यात्रा कहां से शुरू हुई?
यात्रा यासिन मेव डिग्री कॉलेज से शुरू होकर मेन मार्केट होते हुए गांधी पार्क, नूंह पहुंची।

पसमांदा विकास फाउंडेशन ने मदरसों के लिए क्या मांग रखी?
फाउंडेशन ने मदरसों में कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक की सुविधाएं बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने की जरूरत पर जोर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौन थे?
नूंह के एसडीएम कुंवर विक्रम आदित्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।