आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर अस्पताल की चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या से जुड़े कथित ‘‘अंतिम संस्कार घोटाले’’ के मामले में पानीहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष समेत दो लोगों को गिरफ़्तार करने पर शुक्रवार को बैरकपुर पुलिस आयुक्त की सराहना की।
उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों को पड़ोसी राज्यों से गिरफ़्तार किया गया।
शुभेंदु ने अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक फ़ुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि भाजपा सांसद अनंत महाराज ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में ‘‘अनुचित’’ टिप्पणी से जुड़ा अपना फ़ेसबुक पोस्ट हटा दिया है और उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय हस्तियों के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वह एक वरिष्ठ नागरिक हैं और उन्होंने अपनी टिप्पणी वापस ले ली है। मैं इसे एक सकारात्मक कदम मानता हूँ, लेकिन मुझे फिर से यह कहना होगा कि उन्होंने अनुचित टिप्पणी की थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अनंत महाराज को पिछली सरकार ने ‘बंग विभूषण’ पुरस्कार दिया था। हमने उनसे यह पुरस्कार वापस ले लिया है। हमने पांच लोगों को गिरफ़्तार किया और 282 फ़ेसबुक पोस्ट हटाए गए। इस मामले में कुल छह प्राथमिकी दर्ज की गईं।"
कूचबिहार में अनंत महाराज के ख़िलाफ़ दर्ज प्राथमिकी के बारे में पूछे जाने पर शुभेंदु ने कहा, ‘‘कानून अपना काम करेगा।’’
आरजी कर मामले के संबंध में शुभेंदु ने कहा कि तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और कथित घोटाले में शामिल लोगों का चिकित्सा पंजीकण रद्द कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘उसके पिता की शिकायत पर बैरकपुर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है और बाकी फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’’
घोष को बृहस्पतिवार को ओडिशा के बालासोर में एक ठिकाने से गिरफ़्तार किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस मामले में शामिल होने के संदिग्ध पुलिस अधिकारियों को संरक्षण दिया था।