आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के सरगना और भगोड़े आरोपी वीरेंद्र सिंह बसोया की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से वापसी सुनिश्चित की है।
गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार विदेशों में छिपे मादक पदार्थ तस्करों का लगातार पता लगा रही है और कठोर रवैया अपनाते हुए उनके पूरे नेटवर्क को खत्म कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि एनसीबी ने यूएई से बसोया की वापसी सुनिश्चित करके नशीले पदार्थों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति में एक ‘‘नया मील का पत्थर’’ स्थापित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘अपराधी का पता लगाने के लिए चहुंमुखी रणनीति अपनाते हुए हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मादक पदार्थ तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।’’
आरोप है कि बसोया एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का सरगना है।
बसोया का नाम 500 ग्राम ‘मेफेड्रोन’ की जब्ती के मामले में सामने आया हैं। ‘मेफेड्रोन’ एक प्रकार का कृत्रिम नशीला पदार्थ है जिसे आम तौर पर ‘म्याऊ म्याऊ’ कहा जाता है।
बाद में मादक पदार्थ तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान करने और उसे तोड़ने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया जिसके परिणामस्वरूप पुणे से लगभग 867 किलोग्राम और दिल्ली से 970 किलोग्राम ‘मेफेड्रोन’ बरामद हुआ। इस बरामदगी के बाद अब तक कुल 1,837 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया गया है।
एनसीबी की मुंबई इकाई ने जांच अपने हाथ में ली और बसोया की पहचान विदेश में बैठे उस कथित सरगना के तौर पर की जो विदेश से ही गिरोह की गतिविधियों का संचालन करता था और भारत से दूसरे देशों में मेफेड्रोन की खेप की तस्करी करता था।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘दिल्ली में बरामद लगभग 970 किलोग्राम मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप कथित तौर पर उसके (बसोया के) संपर्क वाले कूरियर माध्यमों के जरिए विदेश भेजने की तैयारी से जुड़ी पाई गई थी।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘उसकी भूमिका महत्वपूर्ण संपर्क के रूप में सामने आई है जो घरेलू स्तर पर मादक पदार्थों के निर्माण और तस्करी करने वाले नेटवर्क को विदेशों में वितरित करने वाले माध्यमों से जोड़ता था।’’