आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को जर्मनी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर निवेश और आर्थिक सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल जर्मनी के थुरिंगिया राज्य के मंत्री-राष्ट्रपति मारियो वोइग्ट के नेतृत्व में कर्नाटक दौरे पर आया है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक और थुरिंगिया आपसी हितों वाले क्षेत्रों की पहचान कर संयुक्त परियोजनाओं, तकनीक हस्तांतरण और कौशल एवं प्रतिभा के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें नवाचार और नई पीढ़ी की तकनीकों के विकास के लिए मिलकर काम करेंगी।
बैठक में राज्य के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल भी मौजूद रहे। उन्होंने जर्मन प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि कर्नाटक और थुरिंगिया के बीच ऑप्टिक्स एवं फोटोनिक्स, सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
पाटिल ने थुरिंगिया की कंपनियों को कर्नाटक में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति में इन क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक सरकार पूरे राज्य में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और विदेशी निवेशकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इस बैठक को भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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