‘भंडारा’ को शुद्ध हल्दी के रूप में कानूनी रूप से परिभाषित किया जाए: महाराष्ट्र भाजपा विधायक

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 05-06-2026
Legally define 'Bhandara' as pure turmeric: Maharashtra BJP MLA
Legally define 'Bhandara' as pure turmeric: Maharashtra BJP MLA

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक विक्रम पाचपुते ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने राज्य के एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंधे से मुलाकात कर उनसे धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले पीले रंग के पाउडर ‘भंडारा’ में मिलावट और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और उसे शुद्ध हल्दी के रूप में कानूनी रूप से परिभाषित करने का आग्रह किया।

विधायक ने कहा कि उन्होंने हाल में महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के प्रमुख से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा जिसमें राज्य के प्रमुख मंदिरों में मिलावटी और रासायनिक पदार्थों से युक्त भंडारा की बड़े पैमाने पर बिक्री का उल्लेख किया गया था।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंधे से मुलाकात की और उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। खंडोबा के कई मंदिरों में भंडारा का इस्तेमाल हल्दी के रूप में किया जाता है, लेकिन हाल में इसमें भारी मिलावट पाई गई है। इससे निर्दोष श्रद्धालुओं को नुकसान हो रहा है और हमारी धार्मिक आस्था प्रभावित हो रही है।’’
 
विधायक ने कहा कि भंडारा की स्पष्ट कानूनी परिभाषा नहीं होने के कारण बेईमान व्यापारी इसमें रासायनिक रंग और यहां तक ​​कि ज्वलनशील पदार्थ भी मिला रहे हैं, जिससे कानून लागू करना मुश्किल हो रहा है।
 
उन्होंने पुणे जिले के प्रसिद्ध जेजुरी मंदिर में हुई एक हालिया घटना का जिक्र किया जहां कथित तौर पर भंडारा में आग लग गई थी।
 
पाचपुते ने कहा, ‘‘जब भंडारा को हवा में उड़ाया जाता है तो यह सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाता है। पहले केवल शुद्ध हल्दी को ही भंडारा के रूप में बेचा जाता था और ऐसा ही होना चाहिए। कानून में स्पष्ट रूप से यह बताना आवश्यक है कि ‘भंडारा’ का अर्थ हल्दी है।’’