आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करने के लिए सूरत ने फ्लेक्स और प्लास्टिक के बजाय बांस और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करते हुए एक अनूठी पर्यावरण-अनुकूल पहल की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री मोदी शहर के इंडोर स्टेडियम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं, जहां वह लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक का बिल्कुल उपयोग न करने और पर्यावरण-अनुकूल प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के उद्देश्य से, सहायक प्रोफेसर और लगभग 15 विश्वविद्यालय के छात्रों की एक टीम सहित स्थानीय कलाकारों ने मंच के लिए 48 फुट गुणा 14 फुट की हस्तनिर्मित पृष्ठभूमि तैयार की है।’’
पर्यावरण के अनुकूल तैयारियों का नेतृत्व वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग ने किया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जहां बड़े सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अक्सर डिजिटल फ्लेक्स बैनर और प्लास्टिक सामग्री का उपयोग किया जाता है, वहीं मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक नया दृष्टिकोण अपनाया है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अधिकारियों ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस (पांच जून) पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम न केवल भव्यता का प्रदर्शन करेगा, बल्कि प्रकृति संरक्षण एवं स्थिरता के संदेश को फैलाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।
उन्होंने कहा कि बांस और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से निर्मित यह ढांचा पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अधिकारियों ने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी विशेष रूप से निर्मित मंच से सभा को संबोधित करेंगे, तो पृष्ठभूमि गुजरात की सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का दृश्य प्रदर्शित करेगी।