नकदी बढ़ाने के लिए गैर-कृषि अनुबंधों की सीमा की समीक्षा कर रहा सेबी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-10-2026
Sebi reviewing limits on non-agricultural contracts to boost liquidity
Sebi reviewing limits on non-agricultural contracts to boost liquidity

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने शनिवार को कहा कि बाजार नियामक जोखिम नियंत्रण को कमजोर किए बिना नकदी बढ़ाने के लिए गैर-कृषि अनुबंधों की सीमा की समीक्षा कर रहा है।

पांडेय ने जिंस वायदा बाजार में सुधारों पर कहा कि बाजार की संरचना ऐसी होनी चाहिए जिससे अनुबंधों का दायरा बढ़ सके। कुछ कृषि जिंसों में शुरुआत से ही अनिवार्य भौतिक निपटान बाजार के विकास में बाधा बन सकता है, जबकि चरणबद्ध ढंग से अनिवार्य भौतिक निपटान लागू होने से पहले अनुबंधों को परिपक्व होने का अवसर दिया जा सकता है।
 
उन्होंने बताया कि सेबी ने इस मामले पर विचार-विमर्श पूरा कर लिया है और जल्द ही दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
 
नियामक जिंस बाजारों में संरचनात्मक अड़चनों को दूर करने के लिए भी काम कर रहा है। इसमें बाजार मंच के जरिए जिंसों की डिलीवरी देने या लेने वाले प्रतिभागियों को प्रभावित करने वाले जीएसटी से जुड़े मुद्दों पर संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करना शामिल है।